पुत्रीति जाता महतीह चिन्ता
कस्मै प्रदेयेति महान्वितर्कः ।
दत्त्वा सुखं प्राप्स्यति वा न वेति
कन्यापितृत्वं खलु नाम कष्टम् ॥
पुत्रीति जाता महतीह चिन्ता
कस्मै प्रदेयेति महान्वितर्कः ।
दत्त्वा सुखं प्राप्स्यति वा न वेति
कन्यापितृत्वं खलु नाम कष्टम् ॥
कस्मै प्रदेयेति महान्वितर्कः ।
दत्त्वा सुखं प्राप्स्यति वा न वेति
कन्यापितृत्वं खलु नाम कष्टम् ॥
अन्वयः
AI
इह पुत्री जाता इति महती चिन्ता, कस्मै प्रदेया इति महान् वितर्कः, दत्त्वा सुखम् प्राप्स्यति वा न वा इति, कन्या-पितृत्वम् खलु नाम कष्टम्।
Summary
AI
The birth of a daughter brings great anxiety; to whom she should be given involves much deliberation; and after she is given, whether she will find happiness or not is uncertain. Indeed, being the father of a daughter is truly a hardship.
सारांश
AI
पुत्री का जन्म होने पर यह चिंता सताती है कि उसे किसे दिया जाए और वह सुखी होगी या नहीं; कन्या का पिता होना वास्तव में कष्टकारी है।
पदच्छेदः
AI
| पुत्री | पुत्री (१.१) | daughter |
| इति | इति | thus |
| जाता | जात (√जन्+क्त, १.१) | born, arisen |
| महती | महत् (१.१) | great |
| इह | इह | here |
| चिन्ता | चिन्ता (१.१) | worry |
| कस्मै | किम् (४.१) | to whom |
| प्रदेया | प्रदेय (प्र√प्रदा+अनीयर्, १.१) | to be given |
| इति | इति | thus |
| महान् | महत् (१.१) | great |
| वितर्कः | वितर्क (१.१) | doubt, deliberation |
| दत्त्वा | दत्त्वा (√दा+क्त्वा) | having given |
| सुखम् | सुख (२.१) | happiness |
| प्राप्स्यति | प्राप्स्यति (प्र√आप कर्तरि लृट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | will obtain |
| वा | वा | or |
| न | न | not |
| वा | वा | or |
| इति | इति | thus |
| कन्या-पितृत्वम् | कन्या–पितृत्व (१.१) | fatherhood of a daughter |
| खलु | खलु | indeed |
| नाम | नाम | indeed (emphasizing) |
| कष्टम् | कष्ट (१.१) | difficulty, trouble |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु | त्री | ति | जा | ता | म | ह | ती | ह | चि | न्ता |
| क | स्मै | प्र | दे | ये | ति | म | हा | न्वि | त | र्कः |
| द | त्त्वा | सु | खं | प्रा | प्स्य | ति | वा | न | वे | ति |
| क | न्या | पि | तृ | त्वं | ख | लु | ना | म | क | ष्टम् |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.