उद्योगिनं सततमत्र समेति लक्ष्मी-
र्दैवं हि दैवमिति कापुरुषा वदन्ति ।
दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्या
यत्ने कृते यदि न सिध्यति कोऽत्र दोषः ॥
उद्योगिनं सततमत्र समेति लक्ष्मी-
र्दैवं हि दैवमिति कापुरुषा वदन्ति ।
दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्या
यत्ने कृते यदि न सिध्यति कोऽत्र दोषः ॥
र्दैवं हि दैवमिति कापुरुषा वदन्ति ।
दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्या
यत्ने कृते यदि न सिध्यति कोऽत्र दोषः ॥
अन्वयः
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अत्र उद्योगिनम् सततम् लक्ष्मीः समेति का-पुरुषाः दैवम् हि दैवम् इति वदन्ति दैवम् निहत्य आत्म-शक्त्या पौरुषम् कुरु यत्ने कृते (अपि) यदि न सिध्यति अत्र कः दोषः?
Summary
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Prosperity always approaches the industrious; only cowards say, "It is all fate." Overcome fate and perform manly effort with your own strength. If it does not succeed despite effort, what fault is there?
सारांश
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लक्ष्मी उद्यम करने वाले के पास ही रहती है, कायर लोग ही भाग्य पर निर्भर रहते हैं। अपनी शक्ति से पुरुषार्थ करो; यदि यत्न करने पर भी कार्य सिद्ध न हो, तो उसमें कोई दोष नहीं।
पदच्छेदः
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| उद्योगिनम् | उद्योगिन् (२.१) | the industrious one |
| सततम् | सतत | always |
| अत्र | अत्र | here |
| समेति | समेति (सम्√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | comes to |
| लक्ष्मीः | लक्ष्मी (१.१) | Lakshmi (wealth) |
| दैवम् | दैव (१.१) | fate |
| हि | हि | indeed |
| इति | इति | thus |
| कापुरुषाः | कापुरुष (१.३) | cowards |
| वदन्ति | वदन्ति (√वद् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | say |
| निहत्य | निहत्य (नि√हन्+ल्यप्) | having overcome |
| कुरु | कुरु (√कृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | do |
| पौरुषम् | पौरुष (२.१) | manliness/effort |
| आत्मशक्त्या | आत्मन्–शक्ति (३.१) | by one's own power |
| यत्ने | यत्न (७.१) | when effort |
| कृते | कृत (√कृ+क्त, ७.१) | is made |
| यदि | यदि | if |
| न | न | not |
| सिध्यति | सिध्यति (√सिध् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | succeeds |
| कः | किम् (१.१) | what |
| दोषः | दोष (१.१) | fault |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | द्यो | गि | नं | स | त | त | म | त्र | स | मे | ति | ल | क्ष्मी |
| र्दै | वं | हि | दै | व | मि | ति | का | पु | रु | षा | व | द | न्ति |
| दै | वं | नि | ह | त्य | कु | रु | पौ | रु | ष | मा | त्म | श | क्त्या |
| य | त्ने | कृ | ते | य | दि | न | सि | ध्य | ति | को | ऽत्र | दो | षः |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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