अन्वयः
AI
(सः) स्खलितैः पादैः आयाति मुख-वैवर्ण्य-संयुतः (भवति) ललाट-स्वेद-भाक् भूरि-गद्गदम् वचः भाषते ।
Summary
AI
He approaches with stumbling feet, his face loses its natural color, sweat appears on his forehead, and his speech is heavily choked or stammering.
सारांश
AI
पापी मनुष्य डगमगाते कदमों से चलता है, उसके चेहरे का रंग उड़ जाता है, माथे पर पसीना आता है और वह कांपती हुई वाणी में बोलता है।
पदच्छेदः
AI
| आयाति | आयाति (आ√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | he comes |
| स्खलितैः | स्खलित (√स्खल्+क्त, ३.३) | with stumbling |
| पादैः | पाद (३.३) | feet |
| मुख-वैवर्ण्य-संयुतः | मुख–वैवर्ण्य–संयुक्त (सम्√युज्+क्त, १.१) | accompanied by discoloration of face |
| ललाट-स्वेद-भाक् | ललाट–स्वेद–भाज् (१.१) | having sweat on the forehead |
| भूरि-गद्गदं | भूरि–गद्गद (२.१) | much stammering |
| भाषते | भाषते (√भाष् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | he speaks |
| वचः | वचस् (२.१) | words |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | या | ति | स्ख | लि | तैः | पा | दै |
| र्मु | ख | वै | व | र्ण्य | सं | यु | तः |
| ल | ला | ट | स्वे | द | भा | ग्भू | रि |
| ग | द्ग | दं | भा | ष | ते | व | चः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.