आवर्तः संशयानामविनयभवनं पत्तनं साहसानां
दोषाणां संनिधानं कपटशतमयं क्षेत्रमप्रत्ययानाम् ।
स्वर्गद्वारस्य विघ्नं नरकपुरमुखं सर्वमायाकरण्डं
स्त्रीयन्त्रं केन सृष्टं विषममृतमयं प्राणिलोकस्य पाशः ॥
आवर्तः संशयानामविनयभवनं पत्तनं साहसानां
दोषाणां संनिधानं कपटशतमयं क्षेत्रमप्रत्ययानाम् ।
स्वर्गद्वारस्य विघ्नं नरकपुरमुखं सर्वमायाकरण्डं
स्त्रीयन्त्रं केन सृष्टं विषममृतमयं प्राणिलोकस्य पाशः ॥
दोषाणां संनिधानं कपटशतमयं क्षेत्रमप्रत्ययानाम् ।
स्वर्गद्वारस्य विघ्नं नरकपुरमुखं सर्वमायाकरण्डं
स्त्रीयन्त्रं केन सृष्टं विषममृतमयं प्राणिलोकस्य पाशः ॥
अन्वयः
AI
संशयानाम् आवर्तः अविनय-भवनम् साहसानाम् पत्तनम् दोषाणाम् संनिधानम् कपट-शत-मयम् अप्रत्ययानाम् क्षेत्रम् स्वर्ग-द्वारस्य विघ्नम् नरक-पुर-मुखम् सर्व-माया-करण्डम् विष-अमृत-मयम् प्राणि-लोकस्य पाशः (एतत्) स्त्री-यन्त्रम् केन सृष्टम्?
Summary
AI
Women are described as a whirlpool of doubts, a mansion of immodesty, a city of rashness, and a storehouse of faults. They are a field of distrust, an obstacle to heaven's gate, and the very mouth of hell. Who created this female machine, filled with a hundred deceptions, a mixture of poison and nectar, which acts as a snare for all living beings?
सारांश
AI
स्त्रियों को संदेह का भंवर, उदंडता का घर, दुस्साहस का नगर, दोषों का भंडार, कपटपूर्ण, अविश्वास का क्षेत्र, स्वर्ग मार्ग की बाधा, नरक का द्वार, माया का पिटारा, विष और अमृत का मिश्रण तथा संसार का फंदा कहा गया है।
पदच्छेदः
AI
| आवर्तः | आवर्त (१.१) | whirlpool |
| संशयानाम् | संशय (६.३) | of doubts |
| अविनय-भवनं | अविनय–भवन (१.१) | abode of misconduct |
| पत्तनं | पत्तन (१.१) | city |
| साहसानां | साहस (६.३) | of reckless acts/daring deeds |
| दोषाणां | दोष (६.३) | of faults/vices |
| संनिधानं | संनिधान (१.१) | repository/storehouse |
| कपट-शत-मयम् | कपट–शत–मय (१.१) | full of hundreds of deceits |
| क्षेत्रम् | क्षेत्र (१.१) | field |
| अप्रत्ययानाम् | अप्रत्यय (६.३) | of distrust/unbelief |
| स्वर्ग-द्वारस्य | स्वर्ग–द्वार (६.१) | of the gate of heaven |
| विघ्नं | विघ्न (१.१) | obstacle |
| नरक-पुर-मुखं | नरक–पुर–मुख (१.१) | entrance to the city of hell |
| सर्व-माया-करण्डं | सर्व–माया–करण्ड (१.१) | container of all illusions |
| स्त्री-यन्त्रं | स्त्री–यन्त्र (१.१) | woman-machine/device |
| केन | किम् (३.१) | by whom |
| सृष्टं | सृष्ट (√सृज्+क्त, १.१) | created |
| विषम् | विष (१.१) | poison |
| अमृत | अमृत (१.१) | nectar |
| मयम् | मय (१.१) | consisting of |
| प्राणि-लोकस्य | प्राणिन्–लोक (६.१) | of the world of living beings |
| पाशः | पाश (१.१) | snare/fetter |
छन्दः
स्रग्धरा [२१: मरभनययय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ | २० | २१ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | व | र्तः | सं | श | या | ना | म | वि | न | य | भ | व | नं | प | त्त | नं | सा | ह | सा | नां |
| दो | षा | णां | सं | नि | धा | नं | क | प | ट | श | त | म | यं | क्षे | त्र | म | प्र | त्य | या | नाम् |
| स्व | र्ग | द्वा | र | स्य | वि | घ्नं | न | र | क | पु | र | मु | खं | स | र्व | मा | या | क | र | ण्डं |
| स्त्री | य | न्त्रं | के | न | सृ | ष्टं | वि | ष | म | मृ | त | म | यं | प्रा | णि | लो | क | स्य | पा | शः |
| म | र | भ | न | य | य | य | ||||||||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.