अन्वयः
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(याः) अनृतम् सत्यम् इति आहुः, तथा च अपि सत्यम् अनृतम् (इति आहुः), इति याः ताः इह पुरुषैः कथम् सं-रक्ष्याः वीर ।
Summary
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O hero, how can women, who speak of falsehood as truth and truth as falsehood, be effectively guarded by men in this world?
सारांश
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जो झूठ को सच और सच को झूठ कह देती हैं, हे वीर! ऐसी स्त्रियों की सुरक्षा भला पुरुष कैसे कर सकते हैं?
पदच्छेदः
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| अनृतं | अनृत (२.१) | falsehood |
| सत्यं | सत्य (२.१) | truth |
| इति | इति | thus |
| आहुः | आहुः (√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they say |
| सत्यं | सत्य (२.१) | truth |
| च | च | and |
| अपि | अपि | also |
| तथा | तथा | similarly |
| अनृतम् | अनृत (२.१) | falsehood |
| इति | इति | thus |
| याः | यद् (१.३) | who |
| ताः | तद् (१.३) | those |
| कथं | कथम् | how |
| वीर | वीर (८.१) | O brave one |
| संरक्ष्याः | संरक्ष्या (सम्√रक्ष्+ण्यत्, १.३) | to be protected |
| पुरुषैः | पुरुष (३.३) | by men |
| इह | इह | here/in this world |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | नृ | तं | स | त्य | मि | त्या | हुः |
| स | त्यं | चा | पि | त | था | नृ | तम् |
| इ | ति | या | स्ताः | क | थं | वी | र |
| सं | र | क्ष्याः | पु | रु | षै | रि | ह |
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