अन्वयः
AI
मतिमान् नरः स्वल्पस्य कृते भूरि न नाशयेत् । यत् स्वल्पात् भूरि-रक्षणम्, अत्र एतत् एव पाण्डित्यम् ।
Summary
AI
A wise man should not destroy much for the sake of very little. True wisdom consists in protecting the great even at the cost of the small.
सारांश
AI
बुद्धिमान व्यक्ति को थोड़े के लिए बहुत बड़े हित का नाश नहीं करना चाहिए। अल्प के त्याग से अधिक की रक्षा करना ही वास्तविक विद्वत्ता है।
पदच्छेदः
AI
| न | न | not |
| स्वल्पस्य | स्वल्प (६.१) | of a small thing |
| कृते | कृते | for the sake of |
| भूरि | भूरि (२.१) | much |
| नाशयेत् | नाशयेत् (√नश् +णिच् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | should destroy |
| मतिमान् | मतिमत् (१.१) | wise |
| नरः | नर (१.१) | person |
| एतत् | एतत् (१.१) | this |
| एव | एव | only |
| अत्र | अत्र | here |
| पाण्डित्यम् | पाण्डित्य (१.१) | wisdom |
| यत् | यत् (१.१) | that which |
| स्वल्पात् | स्वल्प (५.१) | from a small thing |
| भूरि-रक्षणम् | भूरि–रक्षण (१.१) | protection of much |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | स्व | ल्प | स्य | कृ | ते | भू | रि |
| ना | श | ये | न्म | ति | मा | न्न | रः |
| ए | त | दे | वा | त्र | पा | ण्डि | त्यं |
| य | त्स्व | ल्पा | द्भू | रि | र | क्ष | णम् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.