Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

कालातिक्रमणं वृत्तेर्यो न कुर्वीत भूपतिः ।
कदाचित्तं न मुञ्चन्ति भर्त्सिता अपि सेवकाः ॥

अन्वयः AI यः भूपतिः वृत्तेः काल-अतिक्रमणम् न कुर्वीत भर्त्सिताः अपि सेवकाः तम् कदाचित् न मुञ्चन्ति ॥
Summary AI A king who never delays the payment or sustenance of his servants will find that they never leave him, even if they are harshly rebuked.
सारांश AI जो राजा अपने सेवकों के वेतन और भरण-पोषण में विलंब नहीं करता, उसे डांटे जाने पर भी उसके सेवक कभी नहीं छोड़ते।
पदच्छेदः AI
कालातिक्रमणम्कालअतिक्रमण (२.१) delay
वृत्तेःवृत्ति (६.१) of livelihood
यःयद् (१.१) who
not
कुर्वीतकुर्वीत (√कृ कर्तरि विधिलिङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) should do
भूपतिःभूपति (१.१) king
कदाचित्कदाचित् ever
तम्तद् (२.१) him
not
मुञ्चन्तिमुञ्चन्ति (√मुच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) abandon
भर्त्सिताःभर्त्सित (√भर्त्स+क्त, १.३) scolded
अपिअपि even
सेवकाःसेवक (१.३) servants
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
का ला ति क्र णं वृ त्ते
र्यो कु र्वी भू तिः
दा चि त्तं मु ञ्च न्ति
र्त्सि ता पि से काः
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.