अन्वयः
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मनुना राजा सर्व-देव-मयः सम्प्रकीर्तितः। तस्मात् तम् देव-वत् पश्येत् कर्हिचित् व्यलीकेन न।
Summary
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Manu has declared that a king embodies all the deities; therefore, one should look upon him as a god and never approach him with deceit.
सारांश
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मनु ने राजा को समस्त देवताओं का स्वरूप माना है, अतः उसे देवता मानकर कभी उसके प्रति दुर्भावना नहीं रखनी चाहिए।
पदच्छेदः
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| सर्वदेवमयः | सर्व–देव–मय (१.१) | composed of all deities |
| राजा | राजन् (१.१) | a king |
| मनुना | मनु (३.१) | by Manu |
| सम्प्रकीर्तितः | सम्प्रकीर्तित (√सम्प्रकीर्तित+क्त, १.१) | declared |
| तस्मात् | तद् (५.१) | therefore |
| तम् | तद् (२.१) | him |
| देववत् | देववत् | like a god |
| पश्येत् | पश्येत् (√दृश् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | one should see |
| न | न | not |
| व्यलीकेन | व्यलीक (३.१) | with malice/deceit |
| कर्हिचित् | कर्हिचित् | never |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | र्व | दे | व | म | यो | रा | जा |
| म | नु | ना | स | म्प्र | की | र्ति | तः |
| त | स्मा | त्तं | दे | व | व | त्प | श्ये |
| न्न | व्य | ली | के | न | क | र्हि | चित् |
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