अन्वयः
AI
पण्यानाम् गान्धिकम् पण्यम्, अन्यैः काञ्चन-आदिभिः किम् ? यत्र एकेन च यत् क्रीतम् तत् शतेन प्रदीयते ।
Summary
AI
Among all trade goods, the sale of perfumes is the best. What use are gold and other items? In the perfume trade, what is bought for one unit is sold for a hundred.
सारांश
AI
सुगंधित द्रव्यों का व्यापार स्वर्ण आदि से भी श्रेष्ठ है, क्योंकि इसमें एक मुद्रा में खरीदी गई वस्तु सौ गुना लाभ पर बेची जा सकती है।
पदच्छेदः
AI
| पण्यानाम् | पण्य (६.३) | of goods |
| गान्धिकम् | गान्धिक (१.१) | perfume-related (merchandise) |
| पण्यम् | पण्य (१.१) | merchandise |
| किम् | किम् | what (use) |
| अन्यैः | अन्य (३.३) | by others |
| काञ्चनादिभिः | काञ्चन–आदि (३.३) | by gold and others |
| यत्र | यत्र | whereby |
| एकेन | एक (३.१) | by one |
| च | च | and |
| यत् | यत् (१.१) | which |
| क्रीतम् | क्रीत (√क्री+क्त, १.१) | bought |
| तत् | तत् (१.१) | that |
| शतेन | शत (३.१) | by a hundred |
| प्रदीयते | प्रदीयते (प्र√दा भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is given |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | ण्या | नां | गा | न्धि | कं | प | ण्यं |
| कि | म | न्यैः | का | ञ्च | ना | दि | भिः |
| य | त्रै | के | न | च | य | त्क्री | तं |
| त | च्छ | ते | न | प्र | दी | य | ते |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.