Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

षट्कर्णो भिद्यते मन्त्रश्चतुष्कर्णः स्थिरो भवेत् ।
तस्मात्सर्वप्रयत्नेन षट्कर्णं वर्जयेत्सुधीः ॥

अन्वयः AI षट्-कर्णः मन्त्रः भिद्यते, चतुः-कर्णः स्थिरः भवेत्; तस्मात् सुधीः सर्व-प्रयत्नेन षट्-कर्णं वर्जयेत्।
Summary AI A secret known to six ears leaks; that known to four ears remains secure. Therefore, a wise person should avoid six ears with all effort.
सारांश AI तीन लोगों (छह कानों) तक पहुँचा रहस्य खुल जाता है, जबकि दो लोगों के बीच वह सुरक्षित रहता है; अतः बुद्धिमान को गुप्त बात गुप्त ही रखनी चाहिए।
पदच्छेदः AI
षट्-कर्णःषट्कर्ण (१.१) six-eared (heard by six people)
भिद्यतेभिद्यते (√भिद् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) is broken/revealed
मन्त्रःमन्त्र (१.१) secret counsel
चतुष्कर्णःचतुष्कर्ण (१.१) four-eared (heard by four people)
स्थिरःस्थिर (१.१) stable/secure
भवेत्भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) may be
तस्मात्तद् (५.१) therefore
सर्व-प्रयत्नेनसर्वप्रयत्न (३.१) with all effort
षट्कर्णम्षट्कर्ण (२.१) the six-eared (situation)
वर्जयेत्वर्जयेत् (√वृज् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should avoid
सुधीःसुधी (१.१) a wise person
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
ट्क र्णो भि द्य ते न्त्र
श्च तु ष्क र्णः स्थि रो वेत्
स्मा त्स र्व प्र त्ने
ट्क र्णं र्ज ये त्सु धीः
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.