अन्वयः
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गृह-जाता अपि स्वाप-कारिणी मूषिका हन्तव्या; जनैः भक्ष्य-प्रदानैः हित-कृत् मार्जारः प्राप्यते।
Summary
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Even if born in the house, a harmful mouse should be killed; meanwhile, people provide food to acquire a helpful cat.
सारांश
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घर में पैदा हुई चुहिया भी यदि नुकसान पहुँचाए तो मारने योग्य है, जबकि बाहर की बिल्ली भी यदि लाभकारी हो तो उसे पालना चाहिए।
पदच्छेदः
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| मूषिका | मूषिका (१.१) | a mouse |
| गृह-जाता | गृह–जात (१.१) | born in the house |
| अपि | अपि | even |
| हन्तव्या | हन्तव्य (√हन्+तव्य, १.१) | should be killed |
| स्वाप-कारिणी | स्व–अप–कारिन् (१.१) | harming oneself |
| भक्ष्य-प्रदानैः | भक्ष्य–प्रदान (३.३) | by offering food |
| मार्जारः | मार्जार (१.१) | a cat |
| हितकृत् | हितकृत् (१.१) | a benefactor |
| प्राप्यते | प्राप्यते (प्र√आप् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is obtained |
| जनैः | जन (३.३) | by people |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मू | षि | का | गृ | ह | जा | ता | पि |
| ह | न्त | व्या | स्वा | प | का | रि | णी |
| भ | क्ष्य | प्र | दा | नै | र्मा | र्जा | रो |
| हि | त | कृ | त्प्रा | प्य | ते | ज | नैः |
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