अन्वयः
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विश्वावसुपुरोगमाः नारदः तुम्बरुः च एव सर्वे गन्धर्वाः मे उद्यतम् बलिम् परिगृह्णन्तु।
Summary
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May Narada, Tumburu, and all the Gandharvas led by Vishvavasu accept this prepared offering of mine.
पदच्छेदः
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| नारदः | नारद (१.१) | Narada |
| तुम्बरुः | तुम्बरु (१.१) | Tumburu |
| च | च | and |
| एव | एव | also |
| विश्वावसुपुरोगमाः | विश्वावसु–पुरोगम (१.३) | led by Vishvavasu |
| परिगृह्णन्तु | परिगृह्णन्तु (परि√ग्रह् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | may they accept |
| मे | अस्मद् (६.१) | my |
| सर्वे | सर्व (१.३) | all |
| गन्धर्वाः | गन्धर्व (१.३) | the Gandharvas |
| बलिम् | बलि (२.१) | offering |
| उद्यतम् | उद्यत (उद्√यम्+क्त, २.१) | prepared |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | र | द | स्तु | म्ब | रु | श्चै | व |
| वि | श्वा | व | सु | पु | रो | ग | माः |
| प | रि | गृ | ह्ण | न्तु | मे | स | र्वे |
| ग | न्ध | र्वा | ब | लि | मु | द्य | तम् |
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