अन्वयः
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(ते देवाः) मत्सुतेभ्यः तु सर्वोपकरणानि वै प्रददुः । प्रीतः शक्रः तु प्रथमम् शुभम् स्वम् ध्वजम् दत्तवान् ।
Summary
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They gave all the necessary equipment to my sons. Pleased, Śakra (Indra) was the first to give his own auspicious banner.
पदच्छेदः
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| प्रददुः | प्रददुः (प्र√दा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | gave |
| मत्सुतेभ्यः | अस्मद्–सुत (४.३) | to my sons |
| तु | तु | and |
| सर्वोपकरणानि | सर्व–उपकरण (२.३) | all equipment |
| वै | वै | indeed |
| प्रीतः | प्रीत (√प्री+क्त, १.१) | pleased |
| तु | तु | and |
| प्रथमम् | प्रथमम् | first |
| शक्रः | शक्र (१.१) | Śakra (Indra) |
| दत्तवान् | दत्तवत् (√दा+क्तवतु, १.१) | gave |
| स्वम् | स्व (२.१) | his own |
| ध्वजम् | ध्वज (२.१) | banner |
| शुभम् | शुभ (२.१) | auspicious |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | द | दु | र्म | त्सु | ते | भ्य | स्तु |
| स | र्वो | प | क | र | णा | नि | वै |
| प्री | त | स्तु | प्र | थ | मं | श | क्रो |
| द | त्त | वा | न्स्वं | ध्व | जं | शु | भम् |
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