अपार्थयन्याजकफूत्कृतिश्रमं
ज्वलेद्रुषा चेद्वपुषा तु नानलः ।
अलं नलः कर्तुमनग्निसाक्षिकं
विधिं विवाहे तव सारसाक्षि कम् ॥
अपार्थयन्याजकफूत्कृतिश्रमं
ज्वलेद्रुषा चेद्वपुषा तु नानलः ।
अलं नलः कर्तुमनग्निसाक्षिकं
विधिं विवाहे तव सारसाक्षि कम् ॥
ज्वलेद्रुषा चेद्वपुषा तु नानलः ।
अलं नलः कर्तुमनग्निसाक्षिकं
विधिं विवाहे तव सारसाक्षि कम् ॥
अन्वयः
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सारस-अक्षि ! (सः) अनलः रुषा ज्वलेत् चेत्, वपुषा तु न (ज्वलेत्) । (सः) व्याजक-फूत्कृति-श्रमम् अपार्थयन् (अस्ति) । नलः तव विवाहे अनग्नि-साक्षिकम् कम् विधिम् कर्तुम् अलम् ?
Summary
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O lotus-eyed one! If Agni (the fire god) burns with anger, he might do so mentally, but not with his physical body, thus making the effort of deceptive blowing futile. How then is Nala capable of performing any marriage rite for you without fire as a witness?
पदच्छेदः
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| अपार्थयन् | अपार्थयत् (अप√अर्थ्+णिच्+शतृ, १.१) | making futile |
| व्याजक | व्याजक | deceptive |
| फूत्कृति | फूत्कृति | blowing |
| श्रमम् | श्रम (२.१) | the effort of |
| ज्वलेत् | ज्वलेत् (√ज्वल् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | should burn |
| रुषा | रुष् (३.१) | with anger |
| चेत् | चेत् | if |
| वपुषा | वपुस् (३.१) | with his body |
| तु | तु | but |
| न | न | not |
| अनलः | अनल (१.१) | Agni (the fire god) |
| अलम् | अलम् | capable |
| नलः | नल (१.१) | Nala |
| कर्तुम् | कर्तुम् (√कृ+तुमुन्) | to perform |
| अनग्निसाक्षिकम् | अन्–अग्नि–साक्षिक (२.१) | without fire as a witness |
| विधिम् | विधि (२.१) | the rite |
| विवाहे | विवाह (७.१) | in the marriage |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| सारसाक्षि | सारस–अक्षिन् (८.१) | O lotus-eyed one |
| कम् | किम् (२.१) | what |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | पा | र्थ | य | न्या | ज | क | फू | त्कृ | ति | श्र | मं |
| ज्व | ले | द्रु | षा | चे | द्व | पु | षा | तु | ना | न | लः |
| अ | लं | न | लः | क | र्तु | म | न | ग्नि | सा | क्षि | कं |
| वि | धिं | वि | वा | हे | त | व | सा | र | सा | क्षि | कम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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