निषिद्धमप्याचरणीयमापदि
क्रिया सती नावति यत्र सर्वथा ।
घनाम्बुना राजपथे हि पिच्छिले
क्वचिद्बुधैरप्यपथेन गम्यते ॥
निषिद्धमप्याचरणीयमापदि
क्रिया सती नावति यत्र सर्वथा ।
घनाम्बुना राजपथे हि पिच्छिले
क्वचिद्बुधैरप्यपथेन गम्यते ॥
क्रिया सती नावति यत्र सर्वथा ।
घनाम्बुना राजपथे हि पिच्छिले
क्वचिद्बुधैरप्यपथेन गम्यते ॥
अन्वयः
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आपदि यत्र सती क्रिया सर्वथा न अवति, (तत्र) निषिद्धम् अपि आचरणीयम्। हि घन-अम्बुना पिच्छिले राज-पथे क्वचित् बुधैः अपि अपथेन गम्यते।
Summary
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'In a calamity, where a proper course of action offers no protection at all, even a forbidden act must be performed. For when the main road is slippery with mud, even the wise sometimes go by a side path.'
पदच्छेदः
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| निषिद्धम् | निषिद्ध (नि√सिध्+क्त, १.१) | A forbidden act |
| अपि | अपि | even |
| आचरणीयम् | आचरणीय (आ√चर्+अनीयर्, १.१) | should be performed |
| आपदि | आपद् (७.१) | in a calamity |
| क्रिया | क्रिया (१.१) | action |
| सती | सत् (१.१) | a proper |
| न | न | not |
| अवति | अवति (√अव् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | protects |
| यत्र | यत्र | where |
| सर्वथा | सर्वथा | in every way |
| घन-अम्बुना | घन–अम्बु (३.१) | by thick water (mud) |
| राज-पथे | राजन्–पथिन् (७.१) | on the main road |
| हि | हि | for |
| पिच्छिले | पिच्छिल (७.१) | when it is slippery |
| क्वचित् | क्वचित् | sometimes |
| बुधैः | बुध (३.३) | by the wise |
| अपि | अपि | even |
| अपथेन | अपथ (३.१) | by a side path |
| गम्यते | गम्यते (√गम् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | it is gone |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | षि | द्ध | म | प्या | च | र | णी | य | मा | प | दि |
| क्रि | या | स | ती | ना | व | ति | य | त्र | स | र्व | था |
| घ | ना | म्बु | ना | रा | ज | प | थे | हि | पि | च्छि | ले |
| क्व | चि | द्बु | धै | र | प्य | प | थे | न | ग | म्य | ते |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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