श्रुतिः सुराणां गुणगयनी यदि
त्वदङ्घ्रिमग्नस्य जनस्य किं ततः ।
स्तवे रवेरप्सु कृताप्लवैः कृते
न मुद्वती जातु भवेत्कुमुद्वती ॥
श्रुतिः सुराणां गुणगयनी यदि
त्वदङ्घ्रिमग्नस्य जनस्य किं ततः ।
स्तवे रवेरप्सु कृताप्लवैः कृते
न मुद्वती जातु भवेत्कुमुद्वती ॥
त्वदङ्घ्रिमग्नस्य जनस्य किं ततः ।
स्तवे रवेरप्सु कृताप्लवैः कृते
न मुद्वती जातु भवेत्कुमुद्वती ॥
अन्वयः
AI
यदि सुराणां श्रुतिः गुण-गायनी (अस्ति), ततः त्वत्-अङ्घ्रि-मग्नस्य जनस्य किम्? अप्सु कृत-आप्लवैः रवेः स्तवे कृते कुमुद्वती जातु मुद्वती न भवेत् ।
Summary
AI
'If the Vedas sing the praises of the gods, what is that to a person devoted to your feet? When those who have bathed offer praise to the sun, the night-lotus never feels any joy. Similarly, praise of other gods means nothing to me, who am devoted to you.'
पदच्छेदः
AI
| श्रुतिः | श्रुति (१.१) | The Veda |
| सुराणां | सुर (६.३) | of the gods |
| गुणगायनी | गुण–गायनी (१.१) | sings the virtues |
| यदि | यदि | if |
| त्वदङ्घ्रिमग्नस्य | त्वद्–अङ्घ्रि–मग्न (६.१) | of a person immersed in your feet |
| जनस्य | जन (६.१) | of a person |
| किं | किम् | what (use is it) |
| ततः | ततः | from that |
| स्तवे | स्तव (७.१) | in the praise |
| रवेः | रवि (६.१) | of the sun |
| अप्सु | अप् (७.३) | in the waters |
| कृताप्लवैः | कृत–आप्लव (३.३) | by those who have bathed |
| कृते | कृत (√कृ+क्त, ७.१) | when it is done |
| न | न | not |
| मुद्वती | मुद्वत् (१.१) | joyful |
| जातु | जातु | ever |
| भवेत् | भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | becomes |
| कुमुद्वती | कुमुद्वती (१.१) | the night-lotus |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श्रु | तिः | सु | रा | णां | गु | ण | ग | य | नी | य | दि |
| त्व | द | ङ्घ्रि | म | ग्न | स्य | ज | न | स्य | किं | त | तः |
| स्त | वे | र | वे | र | प्सु | कृ | ता | प्ल | वैः | कृ | ते |
| न | मु | द्व | ती | जा | तु | भ | वे | त्कु | मु | द्व | ती |
| ज | त | ज | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.