प्रसूनमित्येव तदङ्गवर्णना
न सा विशेषात्कतमत्तदित्यभूत् ।
तदा कदम्बं तदवर्णि लोमभिः
मुदश्रुणा प्रावृषि हर्षमागतैः ॥
प्रसूनमित्येव तदङ्गवर्णना
न सा विशेषात्कतमत्तदित्यभूत् ।
तदा कदम्बं तदवर्णि लोमभिः
मुदश्रुणा प्रावृषि हर्षमागतैः ॥
न सा विशेषात्कतमत्तदित्यभूत् ।
तदा कदम्बं तदवर्णि लोमभिः
मुदश्रुणा प्रावृषि हर्षमागतैः ॥
अन्वयः
AI
तत्-अङ्ग-वर्णना "प्रसूनम्" इति एव (आसीत्)। तत् कतमत् इति विशेषात् सा न अभूत्। तदा प्रावृषि हर्षम् आगतैः मुद-अश्रुणा (सिक्तैः) लोमभिः तत् कदम्बम् (इति) अवर्णि।
Summary
AI
The beauty of her limbs could only be described as 'a flower,' without specifying which one. But then, as her body hairs stood on end with joy, moistened by tears like a flower in the rainy season, they clearly indicated she was like a blossoming Kadamba flower.
पदच्छेदः
AI
| प्रसूनम् | प्रसून (१.१) | 'A flower' |
| इति | इति | thus |
| एव | एव | only |
| तदङ्गवर्णना | तत्–अङ्ग–वर्णना (१.१) | the description of her limbs. |
| न | न | not |
| सा | तद् (१.१) | that |
| विशेषात् | विशेष (५.१) | specifically |
| कतमत् | कतम (१.१) | which one |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| इति | इति | (was) |
| अभूत् | अभूत् (√भू कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was. |
| तदा | तदा | Then, |
| कदम्बम् | कदम्ब (१.१) | a Kadamba flower |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| अवर्णि | अवर्णि (√वृ भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was described |
| लोमभिः | लोमन् (३.३) | by the hairs of her body, |
| मुदश्रुणा | मुद–अश्रु (३.१) | with tears of joy, |
| प्रावृषि | प्रावृष् (७.१) | in the rainy season |
| हर्षम् | हर्ष (२.१) | joy (horripilation) |
| आगतैः | आगत (आ√गम्+क्त, ३.३) | which had attained. |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | सू | न | मि | त्ये | व | त | द | ङ्ग | व | र्ण | ना |
| न | सा | वि | शे | षा | त्क | त | म | त्त | दि | त्य | भूत् |
| त | दा | क | द | म्बं | त | द | व | र्णि | लो | म | भिः |
| मु | द | श्रु | णा | प्रा | वृ | षि | ह | र्ष | मा | ग | तैः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.