उदासितेनैव मयेदमुद्यसे
भिया न तेभ्यः स्मरतानवान्न वा ।
हितं यदि स्यान्मदसुव्ययेन ते
तदा तव प्रेमणि शुद्धिलब्धये ॥
उदासितेनैव मयेदमुद्यसे
भिया न तेभ्यः स्मरतानवान्न वा ।
हितं यदि स्यान्मदसुव्ययेन ते
तदा तव प्रेमणि शुद्धिलब्धये ॥
भिया न तेभ्यः स्मरतानवान्न वा ।
हितं यदि स्यान्मदसुव्ययेन ते
तदा तव प्रेमणि शुद्धिलब्धये ॥
अन्वयः
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इदम् मया उदासितेन एव उद्यसे, तेभ्यः भिया न, स्मर-तानवात् वा न। यदि मत्-असु-व्ययेन ते हितम् स्यात्, तदा (तत् अपि) तव प्रेमणि शुद्धि-लब्धये (अस्तु)।
Summary
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"I say this with complete detachment," Nala declares, "not from fear of the gods, nor from any waning of my love. If your well-being can be secured by the sacrifice of my own life, then let it be so, to prove the purity of my love for you."
पदच्छेदः
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| उदासितेन | उदासित (उद्√आस्+क्त, ३.१) | with indifference |
| एव | एव | only |
| मया | अस्मद् (३.१) | by me |
| इदम् | इदम् (१.१) | this |
| उद्यसे | उद्यसे (√वद् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) म.पु. द्वि.) | is being said, |
| भिया | भी (३.१) | out of fear |
| न | न | not |
| तेभ्यः | तद् (५.३) | of them, |
| स्मरतानवात् | स्मर–तानव (५.१) | from weakness of love |
| न | न | not |
| वा | वा | or. |
| हितम् | हित (१.१) | Benefit |
| यदि | यदि | if |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | would be |
| मदसुव्ययेन | मत्–असु–व्यय (३.१) | by the expenditure of my life |
| ते | युष्मद् (४.१) | for you, |
| तदा | तदा | then |
| तव | युष्मद् (६.१) | of your |
| प्रेमणि | प्रेमन् (७.१) | in love |
| शुद्धिलब्धये | शुद्धि–लब्धि (४.१) | for attaining the proof of purity. |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | दा | सि | ते | नै | व | म | ये | द | मु | द्य | से |
| भि | या | न | ते | भ्यः | स्म | र | ता | न | वा | न्न | वा |
| हि | तं | य | दि | स्या | न्म | द | सु | व्य | ये | न | ते |
| त | दा | त | व | प्रे | म | णि | शु | द्धि | ल | ब्ध | ये |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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