त्वदर्थिनः सन्तु परस्सहस्राः
प्राणास्तु नस्त्वच्चरणप्रसादः ।
विशङ्कसे कैतवनर्तितं चेत्
अन्तश्चरः पञ्चशरः प्रमाणम् ॥
त्वदर्थिनः सन्तु परस्सहस्राः
प्राणास्तु नस्त्वच्चरणप्रसादः ।
विशङ्कसे कैतवनर्तितं चेत्
अन्तश्चरः पञ्चशरः प्रमाणम् ॥
प्राणास्तु नस्त्वच्चरणप्रसादः ।
विशङ्कसे कैतवनर्तितं चेत्
अन्तश्चरः पञ्चशरः प्रमाणम् ॥
अन्वयः
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परः-सहस्राः त्वत्-अर्थिनः सन्तु । नः प्राणाः तु त्वत्-चरण-प्रसादः (अस्ति) । कैतव-नर्तितम् विशङ्कसे चेत्, अन्तः-चरः पञ्च-शरः प्रमाणम् (अस्ति) ।
Summary
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Let there be thousands of suitors for you, but for us, our very life is the grace of your feet. If you suspect this to be a deceitful performance, then the five-arrowed one (Cupid), who moves within our hearts, is the witness.
पदच्छेदः
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| त्वत् | युष्मद् | for you |
| अर्थिनः | अर्थिन् (१.३) | suitors |
| सन्तु | सन्तु (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | let there be |
| परस्सहस्राः | परस्सहस्र (१.३) | more than thousands |
| प्राणाः | प्राण (१.३) | life breaths |
| तु | तु | but |
| नः | अस्मद् (६.३) | our |
| त्वत् | युष्मद् | your |
| चरण | चरण | feet |
| प्रसादः | प्रसाद (१.१) | is the grace of |
| विशङ्कसे | विशङ्कसे (वि√शङ्क् कर्तरि लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | if you suspect |
| कैतव | कैतव | deceitful |
| नर्तितम् | नर्तित (√नृत्+क्त, २.१) | a performance |
| चेत् | चेत् | if |
| अन्तः | अन्तर् | within |
| चरः | चर (१.१) | the one who moves |
| पञ्चशरः | पञ्चशर (१.१) | the five-arrowed one (Cupid) |
| प्रमाणम् | प्रमाण (१.१) | is the proof |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त्व | द | र्थि | नः | स | न्तु | प | र | स्स | ह | स्राः |
| प्रा | णा | स्तु | न | स्त्व | च्च | र | ण | प्र | सा | दः |
| वि | श | ङ्क | से | कै | त | व | न | र्ति | तं | चे |
| त | न्त | श्च | रः | प | ञ्च | श | रः | प्र | मा | णम् |
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