दूते नलश्रीभृति भाविभावा
कलङ्किनीयं जनि मेति नूनम् ।
न संव्यधान्नैषधकायमायं
विधिः स्वयंदूतमिमां प्रतीन्द्रम् ॥
दूते नलश्रीभृति भाविभावा
कलङ्किनीयं जनि मेति नूनम् ।
न संव्यधान्नैषधकायमायं
विधिः स्वयंदूतमिमां प्रतीन्द्रम् ॥
कलङ्किनीयं जनि मेति नूनम् ।
न संव्यधान्नैषधकायमायं
विधिः स्वयंदूतमिमां प्रतीन्द्रम् ॥
अन्वयः
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(इयम् दमयन्ती) दूते नल-श्री-भृति भावि-भावा (सती) 'मे जनिः कलङ्किनी' इति (मन्येत) । नूनम् (इति मत्वा) विधिः इमाम् प्रति स्वयम्-दूतम् इन्द्रम् आयम् नैषध-कायम् न संव्यधात् ।
Summary
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Surely, the Creator did not fashion Indra, who was his own messenger, into this body of Nala for her, fearing she would think: "Since I have developed affection for this messenger bearing Nala's beauty, my life is now stained."
पदच्छेदः
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| दूते | दूत (७.१) | the messenger being... |
| नलश्रीभृति | नल–श्री–भृत् (७.१) | bearing the beauty of Nala |
| भाविभावा | भाविन्–भाव (१.१) | she who has developed affection |
| कलङ्किनी | कलङ्किनी (१.१) | stained |
| इयम् | इदम् (१.१) | this (me) |
| जनिः | जनि (१.१) | birth |
| मे | अस्मद् (६.१) | my |
| इति | इति | thus |
| नूनम् | नूनम् | surely |
| न | न | not |
| संव्यधात् | संव्यधात् (सम्+वि√धा कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | did not fashion |
| नैषधकायम् | नैषध–काय (२.१) | the body of Nala |
| आयम् | इदम् (२.१) | this |
| विधिः | विधि (१.१) | the Creator |
| स्वयंदूतम् | स्वयम्–दूत (२.१) | one who is his own messenger |
| इमाम् | इदम् (२.१) | her |
| प्रति | प्रति | towards |
| इन्द्रम् | इन्द्र (२.१) | Indra |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दू | ते | न | ल | श्री | भृ | ति | भा | वि | भा | वा |
| क | ल | ङ्कि | नी | यं | ज | नि | मे | ति | नू | नम् |
| न | सं | व्य | धा | न्नै | ष | ध | का | य | मा | यं |
| वि | धिः | स्व | यं | दू | त | मि | मां | प्र | ती | न्द्रम् |
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