वासः परं नेत्रमहं न
नेत्रं किमु त्वमालिङ्ग्य तन्मयापि ।
उरोनितम्बोपु कुरु प्रसादम्
इतीव सा तत्पदयोः पपात ॥
वासः परं नेत्रमहं न
नेत्रं किमु त्वमालिङ्ग्य तन्मयापि ।
उरोनितम्बोपु कुरु प्रसादम्
इतीव सा तत्पदयोः पपात ॥
नेत्रं किमु त्वमालिङ्ग्य तन्मयापि ।
उरोनितम्बोपु कुरु प्रसादम्
इतीव सा तत्पदयोः पपात ॥
अन्वयः
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(भो वासः!) त्वं परं नेत्रम् (वासः), (अहं तु) नेत्रम् (चक्षुः) न (भवामि)। तत् त्वं किम् उ (ताम्) आलिङ्ग्य (तिष्ठसि)? उरः-नितम्बौ अपि (दृष्टुं) प्रसादं कुरु इति इव सा (दृष्टिः) तत्पदयोः पपात।
Summary
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"You are a fine cloth (netra), but I am an eye (netra). Why do you embrace her? Please show favor regarding her breasts and hips (i.e., move aside)!" - as if saying this, his gaze (sā) fell at the feet (hem) of her garment.
पदच्छेदः
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| वासः | वासस् (१.१) | O garment |
| परम् | परम् | only |
| नेत्रम् | नेत्र (१.१) | a fine cloth |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
| न | न | not |
| नेत्रम् | नेत्र (१.१) | an eye |
| किम् | किम् | why |
| उ | उ | indeed |
| त्वम् | युष्मद् (१.१) | you |
| आलिङ्ग्य | आलिङ्ग्य (आ√लिङ्ग्+ल्यप्) | embrace |
| तत् | तत् | her |
| मया | अस्मद् (३.१) | to me |
| अपि | अपि | also |
| उरोनितम्बौ | उरस्–नितम्ब (७.२) | regarding the breasts and hips |
| कुरु | कुरु (√कृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | show |
| प्रसादम् | प्रसाद (२.१) | favor |
| इति | इति | thus |
| इव | इव | as if |
| सा | तद् (१.१) | she (the gaze) |
| तत्पदयोः | तत्पद (७.२) | at its (the garment's) feet/hem |
| पपात | पपात (√पत् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | fell |
छन्दः
उपेन्द्रवज्रा [११: जतजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वा | सः | प | रं | ने | त्र | म | हं | न | ने | |
| त्रं | कि | मु | त्व | मा | लि | ङ्ग्य | त | न्म | या | पि |
| उ | रो | नि | त | म्बो | पु | कु | रु | प्र | सा | द |
| मि | ती | व | सा | त | त्प | द | योः | प | पा | त |
| ज | त | ज | ग | ग | ||||||
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