सत्येव साम्ये सदृशादशेषा-
द्गुणान्तरेणोच्चकृषे यदङ्गैः ।
अस्यास्ततः स्यात्तुलनापि नाम
वस्तु त्वमीषामुपमापमानः ॥
सत्येव साम्ये सदृशादशेषा-
द्गुणान्तरेणोच्चकृषे यदङ्गैः ।
अस्यास्ततः स्यात्तुलनापि नाम
वस्तु त्वमीषामुपमापमानः ॥
द्गुणान्तरेणोच्चकृषे यदङ्गैः ।
अस्यास्ततः स्यात्तुलनापि नाम
वस्तु त्वमीषामुपमापमानः ॥
अन्वयः
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अशेषात् सदृशात् साम्ये सति एव, यत् अस्याः अङ्गैः गुणान्तरेण उच्चकृषे, ततः अमीषां वस्तु तुलना नाम अपि स्यात्, तु उपमा-अपमानः (स्यात्)।
Summary
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Since her limbs, while sharing a general similarity with all comparable objects, are elevated by a special excellence, therefore, comparing them to those objects would be a comparison in name only; in reality, it would be an insult to her limbs.
पदच्छेदः
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| सति | सत् (√अस्+शतृ, ७.१) | while there is |
| एव | एव | indeed |
| साम्ये | साम्य (७.१) | a similarity |
| सदृशात् | सदृश (५.१) | with a comparable object |
| अशेषात् | अशेष (५.१) | with all |
| गुणान्तरेण | गुण–अन्तर (३.१) | by a special excellence |
| उच्चकृषे | उच्चकृषे (उद्√कृष् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was elevated |
| यत् | यद् | Since |
| अङ्गैः | अङ्ग (३.३) | her limbs |
| अस्याः | इदम् (६.१) | her |
| ततः | ततः | therefore |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | would be |
| तुलना | तुलना (१.१) | comparison |
| अपि | अपि | even |
| नाम | नाम | in name only |
| वस्तु | वस्तु | the object of comparison |
| तु | तु | but |
| अमीषाम् | अदस् (६.३) | of these (limbs) |
| उपमापमानः | उपमा–अपमान (१.१) | an insult by comparison |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | त्ये | व | सा | म्ये | स | दृ | शा | द | शे | षा |
| द्गु | णा | न्त | रे | णो | च्च | कृ | षे | य | द | ङ्गैः |
| अ | स्या | स्त | तः | स्या | त्तु | ल | ना | पि | ना | म |
| व | स्तु | त्व | मी | षा | मु | प | मा | प | मा | नः |
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