अश्रौषमिन्द्रादरिणीर्गिरस्ते
सतीव्रतातिप्रतिलोमतीव्राः ।
स्वं प्रागहं प्रादिषि नामराय
किं नाम तस्मै मनसा नराय ॥
अश्रौषमिन्द्रादरिणीर्गिरस्ते
सतीव्रतातिप्रतिलोमतीव्राः ।
स्वं प्रागहं प्रादिषि नामराय
किं नाम तस्मै मनसा नराय ॥
सतीव्रतातिप्रतिलोमतीव्राः ।
स्वं प्रागहं प्रादिषि नामराय
किं नाम तस्मै मनसा नराय ॥
अन्वयः
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ते इन्द्रादरिणीः सतीव्रत-अतिप्रतिलोमतीव्राः गिरः अश्रौषम् । अहम् प्राक् स्वम् तस्मै नराय मनसा प्रादिषि, न अमराय ।
Summary
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I have heard your words, which are respectful to Indra but extremely harsh and contrary to the vow of a chaste woman. I have already given myself with my mind to that mortal man, not to an immortal.
पदच्छेदः
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| अश्रौषम् | अश्रौषम् (√श्रु कर्तरि लुङ् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I have heard |
| इन्द्रादरिणीः | इन्द्र–आदरिणी (२.३) | respectful to Indra |
| गिरः | गिर् (२.३) | words |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| सतीव्रतातिप्रतिलोमतीव्राः | सतीव्रत–अतिप्रतिलोम–तीव्र (२.३) | extremely harsh and contrary to a chaste woman's vow |
| स्वम् | स्व (२.१) | myself |
| प्राक् | प्राच् | before |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
| प्रादिषि | प्रादिषि (प्र√दा कर्तरि लुङ् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | have given |
| न | न | not |
| अमराय | अमर (४.१) | to an immortal |
| किम् | किम् | why |
| नाम | नाम | indeed |
| तस्मै | तद् (४.१) | to that |
| मनसा | मनस् (३.१) | with my mind |
| नराय | नर (४.१) | to a mortal |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | श्रौ | ष | मि | न्द्रा | द | रि | णी | र्गि | र | स्ते |
| स | ती | व्र | ता | ति | प्र | ति | लो | म | ती | व्राः |
| स्वं | प्रा | ग | हं | प्रा | दि | षि | ना | म | रा | य |
| किं | ना | म | त | स्मै | म | न | सा | न | रा | य |
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