मन्दाकिनीनन्दनयोर्विहारे
देवे धवे देवरि माधवे च ।
श्रेयः श्रिया यातरि यच्च सख्यां
तच्चेतसा भाविनि भावयस्व ॥
मन्दाकिनीनन्दनयोर्विहारे
देवे धवे देवरि माधवे च ।
श्रेयः श्रिया यातरि यच्च सख्यां
तच्चेतसा भाविनि भावयस्व ॥
देवे धवे देवरि माधवे च ।
श्रेयः श्रिया यातरि यच्च सख्यां
तच्चेतसा भाविनि भावयस्व ॥
अन्वयः
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भाविनि! देवे धवे (सति) देवरि माधवे च (सति) मन्दाकिनीनन्दनयोः विहारे, श्रिया यातरि (सति) सख्याम् च यत् श्रेयः (भविष्यति), तत् च चेतसा भावयस्व ।
Summary
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"O far-sighted one! Imagine in your mind the bliss of sporting in the Mandakini river and the Nandana garden with the god Indra as your husband and his son Jayanta as your brother-in-law. Contemplate also the good fortune of having Shachi (Indra's wife) as a friend and sister-wife."
पदच्छेदः
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| मन्दाकिनीनन्दनयोः | मन्दाकिनी–नन्दन (७.२) | in the Mandakini and Nandana garden |
| विहारे | विहार (७.१) | in sporting |
| देवे | देव (७.१) | the god (Indra) |
| धवे | धव (७.१) | as husband |
| देवरि | देवृ (७.१) | as brother-in-law |
| माधवे | माधव (७.१) | Jayanta |
| च | च | and |
| श्रेयः | श्रेयस् (१.१) | the good fortune |
| श्रिया | श्री (३.१) | with Shachi |
| यातरि | यातृ (७.१) | as co-wife's husband's brother's wife |
| यत् | यद् (१.१) | which |
| च | च | and |
| सख्याम् | सख्य (७.१) | in friendship |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| च | च | and |
| चेतसा | चेतस् (३.१) | with your mind |
| भाविनि | भाविनी (८.१) | O far-sighted one! |
| भावयस्व | भावयस्व (√भू +णिच् कर्तरि लोट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | imagine |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | न्दा | कि | नी | न | न्द | न | यो | र्वि | हा | रे |
| दे | वे | ध | वे | दे | व | रि | मा | ध | वे | च |
| श्रे | यः | श्रि | या | या | त | रि | य | च्च | स | ख्यां |
| त | च्चे | त | सा | भा | वि | नि | भा | व | य | स्व |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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