तामेव सा यत्र जगाद भूयः
पयोधियादः कुचकुम्भयोस्ते ।
सेयं स्थिता तावकहृच्छयाङ्क-
प्रियास्तु विस्तारयशः प्रशस्तिः ॥
तामेव सा यत्र जगाद भूयः
पयोधियादः कुचकुम्भयोस्ते ।
सेयं स्थिता तावकहृच्छयाङ्क-
प्रियास्तु विस्तारयशः प्रशस्तिः ॥
पयोधियादः कुचकुम्भयोस्ते ।
सेयं स्थिता तावकहृच्छयाङ्क-
प्रियास्तु विस्तारयशः प्रशस्तिः ॥
अन्वयः
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यत्र सा ताम् एव भूयः जगाद - ते कुच-कुम्भयोः (स्थिता) इयम् सा पयोधि-यादः (मकरी) तावक-हृत्-शय-अङ्क-प्रिया (अस्ति), (अस्याः) विस्तार-यशः-प्रशस्तिः अस्तु।
Summary
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There, the friend replied to her, "This sea-monster (Makara) on your pitcher-like breasts is the beloved of Kama who resides in your heart. Let it be a proclamation of his spreading fame."
पदच्छेदः
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| ताम् | तद् (२.१) | to her |
| एव | एव | indeed |
| सा | तद् (१.१) | she (the friend) |
| यत्र | यत्र | where |
| जगाद | जगाद (√गद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | said |
| भूयः | भूयस् | in reply |
| पयोधि-यादः | पयोधि–यादस् (१.१) | the sea-monster (Makara) |
| कुच-कुम्भयोः | कुच–कुम्भ (७.२) | on your two pitcher-like breasts |
| ते | युष्मद् (६.२) | your |
| सा | तद् (१.१) | that |
| इयम् | इदम् (१.१) | this |
| स्थिता | स्थित (√स्था+क्त, १.१) | situated |
| तावक-हृत्-शय-अङ्क-प्रिया | तावक–हृत्–शय–अङ्क–प्रिया (१.१) | beloved of the lap of your lover (Kama) |
| अस्तु | अस्तु (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let it be |
| विस्तार-यशः-प्रशस्तिः | विस्तार–यशस्–प्रशस्ति (१.१) | a proclamation of spreading fame |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ता | मे | व | सा | य | त्र | ज | गा | द | भू | यः |
| प | यो | धि | या | दः | कु | च | कु | म्भ | यो | स्ते |
| से | यं | स्थि | ता | ता | व | क | हृ | च्छ | या | ङ्क |
| प्रि | या | स्तु | वि | स्ता | र | य | शः | प्र | श | स्तिः |
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