कण्ठः किमस्याः पिकवेणुवीणाः
तिस्रो जिताः सूचयति त्रिरेखः ।
इत्यन्तरस्तूयत यत्र कापि
नलेन बाला कलमालपन्ती ॥
कण्ठः किमस्याः पिकवेणुवीणाः
तिस्रो जिताः सूचयति त्रिरेखः ।
इत्यन्तरस्तूयत यत्र कापि
नलेन बाला कलमालपन्ती ॥
तिस्रो जिताः सूचयति त्रिरेखः ।
इत्यन्तरस्तूयत यत्र कापि
नलेन बाला कलमालपन्ती ॥
अन्वयः
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यत्र कलम् आलपन्ती का अपि बाला नलेन अन्तः इति अस्तूयत - अस्याः त्रि-रेखः कण्ठः पिक-वेणु-वीणाः तिस्रः जिताः किम् सूचयति?
Summary
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There, a certain young woman, singing sweetly, was inwardly praised by Nala thus: "Does her neck, with its three lines, indicate that the three—the cuckoo, the flute, and the veena—have been conquered by her voice?"
पदच्छेदः
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| कण्ठः | कण्ठ (१.१) | the neck |
| किम् | किम् | Does |
| अस्याः | इदम् (६.१) | her |
| पिक-वेणु-वीणाः | पिक–वेणु–वीणा (२.३) | the cuckoo, the flute, and the veena |
| तिस्रः | त्रि (२.३) | three |
| जिताः | जित (√जि+क्त, २.३) | conquered |
| सूचयति | सूचयति (√सूच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | indicate |
| त्रि-रेखः | त्रि–रेखा (१.१) | having three lines |
| इति | इति | thus |
| अन्तः | अन्तर् | inwardly |
| अस्तूयत | अस्तूयत (√स्तु भावकर्मणोः लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was praised |
| यत्र | यत्र | where |
| का | किम् (१.१) | some |
| अपि | अपि | certain |
| नलेन | नल (३.१) | by Nala |
| बाला | बाला (१.१) | young woman |
| कलम् | कल (२.१) | sweetly |
| आलपन्ती | आलपन्ती (आ√लप्+शतृ+ङीप्, १.१) | singing |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | ण्ठः | कि | म | स्याः | पि | क | वे | णु | वी | णाः |
| ति | स्रो | जि | ताः | सू | च | य | ति | त्रि | रे | खः |
| इ | त्य | न्त | र | स्तू | य | त | य | त्र | का | पि |
| न | ले | न | बा | ला | क | ल | मा | ल | प | न्ती |
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