सर्वतः कुशलवानसि किच्चि-
त्वं स नैषध इति प्रतिभा नः ।
स्वासनार्धसुहृदस्त्वयि रेखां
वीरसेननृपतेरिव विद्मः ॥
सर्वतः कुशलवानसि किच्चि-
त्वं स नैषध इति प्रतिभा नः ।
स्वासनार्धसुहृदस्त्वयि रेखां
वीरसेननृपतेरिव विद्मः ॥
त्वं स नैषध इति प्रतिभा नः ।
स्वासनार्धसुहृदस्त्वयि रेखां
वीरसेननृपतेरिव विद्मः ॥
अन्वयः
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त्वम् सर्वतः कुशलवान् असि किञ्चित् । त्वम् सः नैषधः इति नः प्रतिभा । स्व-आसन-अर्ध-सुहृदः (वयम्) त्वयि वीरसेन-नृपतेः रेखाम् इव विद्मः ।
Summary
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(Indra to Nala) "Are you well in all respects? It is our impression that you are that Nala. We, who are friends worthy of sharing half our throne, recognize in you the lineage of King Virasena."
पदच्छेदः
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| सर्वतः | सर्वतः | in all respects |
| कुशलवान् | कुशलवत् (१.१) | well |
| असि | असि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | are you |
| किच्चित्वं | किञ्चित्–युष्मद् (१.१) | somewhat, you |
| सः | तद् (१.१) | that |
| नैषधः | नैषध (१.१) | Nala |
| इति | इति | thus |
| प्रतिभा | प्रतिभा (१.१) | impression |
| नः | अस्मद् (६.३) | our |
| स्वासनार्धसुहृदः | स्व–आसन–अर्ध–सुहृद् (१.३) | friends worthy of half our throne |
| त्वयि | युष्मद् (७.१) | in you |
| रेखाम् | रेखा (२.१) | lineage/feature |
| वीरसेननृपतेः | वीरसेन–नृपति (६.१) | of King Virasena |
| इव | इव | like |
| विद्मः | विद्मः (√विद् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. बहु.) | we know |
छन्दः
स्वागता [११: रनभगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | र्व | तः | कु | श | ल | वा | न | सि | कि | च्चि |
| त्वं | स | नै | ष | ध | इ | ति | प्र | ति | भा | नः |
| स्वा | स | ना | र्ध | सु | हृ | द | स्त्व | यि | रे | खां |
| वी | र | से | न | नृ | प | ते | रि | व | वि | द्मः |
| र | न | भ | ग | ग | ||||||
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