असमये मतिरुन्मिषति ध्रुवं
करगतैव गता यदियं कुहूः ।
पुनरुपैति निरुध्यनिवास्यते
सखि मुखं न विधोः पुनरीक्ष्यते ॥
असमये मतिरुन्मिषति ध्रुवं
करगतैव गता यदियं कुहूः ।
पुनरुपैति निरुध्यनिवास्यते
सखि मुखं न विधोः पुनरीक्ष्यते ॥
करगतैव गता यदियं कुहूः ।
पुनरुपैति निरुध्यनिवास्यते
सखि मुखं न विधोः पुनरीक्ष्यते ॥
अन्वयः
AI
सखि ! असमये मतिः उन्मिषति । ध्रुवम् यत् इयम् कुहूः करगता एव गता । यदि सा पुनः उपैति, तर्हि निरुध्य निवास्यते, येन विधोः मुखम् पुनः न ईक्ष्यते ।
Summary
AI
"Friend, a thought strikes me at the wrong time! It's certain that this new moon day (Kuhu), though it was within reach, has passed. If it comes again, it should be captured and made to stay, so that the moon's face is not seen again."
पदच्छेदः
AI
| असमये | असमय (७.१) | at the wrong time |
| मतिः | मति (१.१) | a thought |
| उन्मिषति | उन्मिषति (उद्√मिष् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | arises |
| ध्रुवम् | ध्रुवम् | certainly |
| करगता | कर–गत (√गम्+क्त, १.१) | within reach |
| एव | एव | just |
| गता | गत (√गम्+क्त, १.१) | gone |
| यत् | यद् | that |
| इयम् | इदम् (१.१) | this |
| कुहूः | कुहू (१.१) | new moon day |
| पुनः | पुनर् | again |
| उपैति | उपैति (उप√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | it comes |
| निरुध्य | निरुध्य (नि√रुध्+ल्यप्) | having captured |
| निवास्यते | निवास्यते (नि√वस् +णिच् भावकर्मणोः विधि लिङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | it should be made to stay |
| सखि | सखि (८.१) | O friend |
| मुखम् | मुख (१.१) | the face |
| न | न | not |
| विधोः | विधु (६.१) | of the moon |
| पुनः | पुनर् | again |
| ईक्ष्यते | ईक्ष्यते (√ईक्ष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is seen |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | स | म | ये | म | ति | रु | न्मि | ष | ति | ध्रु | वं |
| क | र | ग | तै | व | ग | ता | य | दि | यं | कु | हूः |
| पु | न | रु | पै | ति | नि | रु | ध्य | नि | वा | स्य | ते |
| स | खि | मु | खं | न | वि | धोः | पु | न | री | क्ष्य | ते |
| न | भ | भ | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.