त्वमभिधेहि विधुं सखि मद्गिरा
किमिदमीदृगधिक्रियते त्वया ।
न गणितं यदि जन्म पयोनिधौ
हरशिरःस्थितिभूरपि विस्मृता ॥
त्वमभिधेहि विधुं सखि मद्गिरा
किमिदमीदृगधिक्रियते त्वया ।
न गणितं यदि जन्म पयोनिधौ
हरशिरःस्थितिभूरपि विस्मृता ॥
किमिदमीदृगधिक्रियते त्वया ।
न गणितं यदि जन्म पयोनिधौ
हरशिरःस्थितिभूरपि विस्मृता ॥
अन्वयः
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सखि ! त्वम् मद्गिरा विधुम् अभिधेहि । त्वया इदम् ईदृक् किम् अधिक्रियते? यदि पयोनिधौ जन्म न गणितम्, (तर्हि) हरशिरःस्थितिभूः अपि विस्मृता (किम्)?
Summary
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Damayanti tells her friend, "Friend, speak to the moon on my behalf: 'Why are you doing such a thing? If you disregard your birth from the ocean, have you also forgotten your place on Shiva's head?'"
पदच्छेदः
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| त्वम् | युष्मद् (१.१) | you |
| अभिधेहि | अभिधेहि (अभि√धा कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | address |
| विधुम् | विधु (२.१) | the moon |
| सखि | सखि (८.१) | O friend |
| मद्गिरा | मद्–गिर् (३.१) | with my words |
| किम् | किम् | why |
| इदम् | इदम् (२.१) | this |
| ईदृक् | ईदृश् (२.१) | such (a thing) |
| अधिक्रियते | अधिक्रियते (अधि√कृ भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is being done |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| न | न | not |
| गणितम् | गणित (√गण्+क्त, १.१) | is considered |
| यदि | यदि | if |
| जन्म | जन्मन् (१.१) | birth |
| पयोनिधौ | पयोनिधि (७.१) | in the ocean of milk |
| हरशिरःस्थितिभूः | हर–शिरस्–स्थिति–भू (१.१) | the place of residence on Shiva's head |
| अपि | अपि | also |
| विस्मृता | विस्मृत (वि√स्मृ+क्त, १.१) | forgotten |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त्व | म | भि | धे | हि | वि | धुं | स | खि | म | द्गि | रा |
| कि | मि | द | मी | दृ | ग | धि | क्रि | य | ते | त्व | या |
| न | ग | णि | तं | य | दि | ज | न्म | प | यो | नि | धौ |
| ह | र | शि | रः | स्थि | ति | भू | र | पि | वि | स्मृ | ता |
| न | भ | भ | र | ||||||||
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