अधित कापि मुखे सलिलं सखी
प्यधित कापि सरोजदलैः स्तनौ ।
व्यधित कापि हृदि व्यजनानिलं
न्यधित कापि हिमं सुतनोस्तनौ ॥
अधित कापि मुखे सलिलं सखी
प्यधित कापि सरोजदलैः स्तनौ ।
व्यधित कापि हृदि व्यजनानिलं
न्यधित कापि हिमं सुतनोस्तनौ ॥
प्यधित कापि सरोजदलैः स्तनौ ।
व्यधित कापि हृदि व्यजनानिलं
न्यधित कापि हिमं सुतनोस्तनौ ॥
अन्वयः
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का अपि सखी मुखे सलिलम् अधित । का अपि (सखी) सरोजदलैः स्तनौ अपि अधित । का अपि (सखी) हृदि व्यजनानिलम् व्यधित । का अपि (सखी) सुतनोः तनौ हिमम् न्यधित ।
Summary
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One friend placed water on her face. Another placed lotus petals on her breasts. Another fanned her heart with a fan. And another placed ice on the beautiful lady's body.
पदच्छेदः
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| अधित | अधित (√धा भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was placed by |
| का | किम् (१.१) | some |
| अपि | अपि | also |
| मुखे | मुख (७.१) | on the face |
| सलिलम् | सलिल (२.१) | water |
| सखी | सखी (३.१) | a friend |
| अपि | अपि | also |
| अधित | अधित (√धा भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was placed by |
| का | किम् (१.१) | some |
| अपि | अपि | also |
| सरोजदलैः | सरोजदल (३.३) | with lotus petals |
| स्तनौ | स्तन (२.२) | the two breasts |
| व्यधित | व्यधित (वि√धा भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was made/placed by |
| का | किम् (१.१) | some |
| अपি | अपि | also |
| हृदि | हृद् (७.१) | on the heart |
| व्यजनानिलम् | व्यजनानिल (२.१) | the wind from a fan |
| न्यधित | न्यधित (नि√धा भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was placed by |
| का | किम् (१.१) | some |
| अपि | अपि | also |
| हिमम् | हिम (२.१) | ice/snow |
| सुतनोः | सुतनु (६.१) | of the beautiful-bodied one |
| तनौ | तनु (७.१) | on the body |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | धि | त | का | पि | मु | खे | स | लि | लं | स | खी |
| प्य | धि | त | का | पि | स | रो | ज | द | लैः | स्त | नौ |
| व्य | धि | त | का | पि | हृ | दि | व्य | ज | ना | नि | लं |
| न्य | धि | त | का | पि | हि | मं | सु | त | नो | स्त | नौ |
| न | भ | भ | र | ||||||||
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