साधु त्वया तर्कितमेतदेव
स्वेनानलं यत्किल संश्रयिष्ये ।
विनामुना स्वात्मनि तु प्रहर्तुं
मृषागिरं त्वां नृपतौ न कर्तुम् ॥
साधु त्वया तर्कितमेतदेव
स्वेनानलं यत्किल संश्रयिष्ये ।
विनामुना स्वात्मनि तु प्रहर्तुं
मृषागिरं त्वां नृपतौ न कर्तुम् ॥
स्वेनानलं यत्किल संश्रयिष्ये ।
विनामुना स्वात्मनि तु प्रहर्तुं
मृषागिरं त्वां नृपतौ न कर्तुम् ॥
अन्वयः
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यत् किल स्वेन अनलम् संश्रयिष्ये, एतत् एव त्वया साधु तर्कितम् । (किन्तु तत्) अमुना विना स्वात्मनि प्रहर्तुम् (अस्ति), तु त्वाम् नृपतौ मृषा गिरम् न कर्तुम् ।
Summary
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"You have rightly inferred that I will indeed enter the fire myself. But this would be to end my own life without him, not to make you a liar before the king (Nala)."
पदच्छेदः
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| साधु | साधु | Rightly |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| तर्कितम् | तर्कित (√तर्क्+क्त, १.१) | it has been inferred |
| एतत् | एतद् (१.१) | this |
| एव | एव | indeed |
| स्वेन | स्व (३.१) | by myself |
| अनलम् | अनल (२.१) | the fire |
| यत् | यद् | that |
| किल | किल | indeed |
| संश्रयिष्ये | संश्रयिष्ये (सम्√श्रि कर्तरि लृट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I will resort to |
| । | । | . |
| विना | विना | Without |
| अमुना | अदस् (३.१) | him (Nala) |
| स्वात्मनि | स्वात्मन् (७.१) | on my own self |
| तु | तु | but |
| प्रहर्तुम् | प्रहर्तुम् (प्र√हृ+तुमुन्) | to strike |
| मृषागिरम् | मृषा–गिर् (२.१) | a liar |
| त्वाम् | युष्मद् (२.१) | you |
| नृपतौ | नृपति (७.१) | before the king |
| न | न | not |
| कर्तुम् | कर्तुम् (√कृ+तुमुन्) | to make |
| ॥ | ॥ | . |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | धु | त्व | या | त | र्कि | त | मे | त | दे | व |
| स्वे | ना | न | लं | य | त्कि | ल | सं | श्र | यि | ष्ये |
| वि | ना | मु | ना | स्वा | त्म | नि | तु | प्र | ह | र्तुं |
| मृ | षा | गि | रं | त्वां | नृ | प | तौ | न | क | र्तुम् |
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