त्वपायि किं शङ्कितविक्रियेऽस्मि-
न्नधिक्रिये वा विषये निदातुम् ।
इतः पृथक्प्रार्थयसे तु यद्य-
त्कुर्वे तदुर्वीपतिपुत्रि सर्वम् ॥
त्वपायि किं शङ्कितविक्रियेऽस्मि-
न्नधिक्रिये वा विषये निदातुम् ।
इतः पृथक्प्रार्थयसे तु यद्य-
त्कुर्वे तदुर्वीपतिपुत्रि सर्वम् ॥
न्नधिक्रिये वा विषये निदातुम् ।
इतः पृथक्प्रार्थयसे तु यद्य-
त्कुर्वे तदुर्वीपतिपुत्रि सर्वम् ॥
अन्वयः
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उर्वीपतिपुत्रि ! अस्मिन् शङ्कितविक्रिये अधिकारे वा विषये निदातुम् त्वया किम् अपायि? तु इतः पृथक् यत् यत् प्रार्थयसे, तत् सर्वम् कुर्वे ।
Summary
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"O princess! What is to be gained by entrusting me with this task where failure is suspected? However, whatever else you ask of me, apart from this, I will do it all."
पदच्छेदः
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| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| अपायि | अपायि (अप√इ+चिण्) | is gained |
| किम् | किम् | What |
| शङ्कित | शङ्कित (√शङ्क्+क्त) | doubted |
| विक्रिये | विक्रिया (७.१) | whose failure is |
| अस्मिन् | इदम् (७.१) | in this |
| अधिकारे | अधिकार (७.१) | task |
| वा | वा | or |
| विषये | विषय (७.१) | matter |
| निदातुम् | निदातुम् (नि√दा+तुमुन्) | to entrust |
| । | । | . |
| इतः | इतस् | from this |
| पृथक् | पृथक् | apart |
| प्रार्थयसे | प्रार्थयसे (प्र√अर्थ् +णिच् कर्तरि लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you request |
| तु | तु | however |
| यत् | यद् (२.१) | whatever |
| यत् | यद् (२.१) | whatever |
| कुर्वे | कुर्वे (√कृ कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I shall do |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| उर्वीपतिपुत्रि | उर्वीपति–पुत्री (८.१) | O princess |
| ! | ! | ! |
| सर्वम् | सर्व (२.१) | all |
| ॥ | ॥ | . |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त्व | पा | यि | किं | श | ङ्कि | त | वि | क्रि | ये | ऽस्मि |
| न्न | धि | क्रि | ये | वा | वि | ष | ये | नि | दा | तुम् |
| इ | तः | पृ | थ | क्प्रा | र्थ | य | से | तु | य | द्य |
| त्कु | र्वे | त | दु | र्वी | प | ति | पु | त्रि | स | र्वम् |
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