स्वर्लोकमस्माभिरितः प्रयातैः
केलीषु तद्गानगुणान्निपीय ।
हा हेति गायन्यदशोचि तेन
नाम्नैव हाहा हरिगायनोऽभूत् ॥
स्वर्लोकमस्माभिरितः प्रयातैः
केलीषु तद्गानगुणान्निपीय ।
हा हेति गायन्यदशोचि तेन
नाम्नैव हाहा हरिगायनोऽभूत् ॥
केलीषु तद्गानगुणान्निपीय ।
हा हेति गायन्यदशोचि तेन
नाम्नैव हाहा हरिगायनोऽभूत् ॥
अन्वयः
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इतः प्रयातैः अस्माभिः केलीषु तत् गानगुणान् निपीय, हा हा इति गायन् यत् अशोचि, तेन नाम्ना एव हरिगायनः हाहा अभूत् ।
Summary
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"The Gandharva Haha, a singer for Indra, heard from us (the swans) about the excellence of Nala's singing. Overwhelmed, he could only lament, singing 'Ha! Ha!'. Because of this constant lamentation, he became known by that very name, 'Haha'."
पदच्छेदः
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| स्वर्लोकम् | स्वर्लोक (२.१) | to heaven |
| अस्माभिः | अस्मद् (३.३) | by us |
| इतः | इतः | from here |
| प्रयातैः | प्रयात (प्र√या+क्त, ३.३) | who had gone |
| केलीषु | केलि (७.३) | in sports |
| तत् | तद् | his |
| गानगुणान् | गान–गुण (२.३) | the qualities of singing |
| निपीय | निपीय (नि√पा+ल्यप्) | having drunk in |
| हा | हा | alas |
| हा | हा | alas |
| इति | इति | thus |
| गायन् | गायत् (√गै+शतृ, १.१) | singing |
| यत् | यद् | because |
| अशोचि | अशोचि (√शुच् भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was lamented |
| तेन | तद् (३.१) | by that |
| नाम्ना | नामन् (३.१) | by name |
| एव | एव | itself |
| हाहा | हाहा (१.१) | Haha |
| हरिगायनः | हरि–गायन (१.१) | Indra's singer |
| अभूत् | अभूत् (√भू कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | became |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्व | र्लो | क | म | स्मा | भि | रि | तः | प्र | या | तैः |
| के | ली | षु | त | द्गा | न | गु | णा | न्नि | पी | य |
| हा | हे | ति | गा | य | न्य | द | शो | चि | ते | न |
| ना | म्नै | व | हा | हा | ह | रि | गा | य | नो | ऽभूत् |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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