यस्ते नवः पल्लवितः कराभ्यां
स्मितेन यः कोरकितस्तवास्ते ।
अङ्गम्रदिम्ना तव पुष्पितो यः
स्तनश्रिया यः फलितस्तवैव ॥
यस्ते नवः पल्लवितः कराभ्यां
स्मितेन यः कोरकितस्तवास्ते ।
अङ्गम्रदिम्ना तव पुष्पितो यः
स्तनश्रिया यः फलितस्तवैव ॥
स्मितेन यः कोरकितस्तवास्ते ।
अङ्गम्रदिम्ना तव पुष्पितो यः
स्तनश्रिया यः फलितस्तवैव ॥
अन्वयः
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यः नवः तपः-कल्पतरुः ते कराभ्याम् पल्लवितः अस्ति, यः तव स्मितेन कोरकितः आस्ते, यः तव अङ्ग-म्रदिम्ना पुष्पितः अस्ति, यः तव स्तन-श्रिया एव फलितः अस्ति ।
Summary
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This new wish-fulfilling tree (of Nala's penance) has sprouted leaves from your hands, budded with your smile, blossomed with the softness of your limbs, and borne fruit with the beauty of your breasts.
पदच्छेदः
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| यः | यद् (१.१) | which |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| नवः | नव (१.१) | new |
| पल्लवितः | पल्लवित (१.१) | has sprouted leaves |
| कराभ्याम् | कर (३.२) | from your two hands |
| स्मितेन | स्मित (३.१) | with your smile |
| यः | यद् (१.१) | which |
| कोरकितः | कोरकित (१.१) | has budded |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| आस्ते | आस्ते (√आस् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is |
| अङ्गम्रदिम्ना | अङ्ग–म्रदिमन् (३.१) | with the softness of your limbs |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| पुष्पितः | पुष्पित (१.१) | has blossomed |
| यः | यद् (१.१) | which |
| स्तनश्रिया | स्तन–श्री (३.१) | with the beauty of your breasts |
| यः | यद् (१.१) | which |
| फलितः | फलित (१.१) | has borne fruit |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| एव | एव | only |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | स्ते | न | वः | प | ल्ल | वि | तः | क | रा | भ्यां |
| स्मि | ते | न | यः | को | र | कि | त | स्त | वा | स्ते |
| अ | ङ्ग | म्र | दि | म्ना | त | व | पु | ष्पि | तो | यः |
| स्त | न | श्रि | या | यः | फ | लि | त | स्त | वै | व |
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