हंसोऽप्यसौ हंसगतेः सुदत्याः
पुरः पुरश्चारु चलन्वमासे ।
वैलक्ष्यहेतोर्गतिमेतदीयाम्
अग्रेऽनुकृत्योपहसन्निवोच्चैः ॥
हंसोऽप्यसौ हंसगतेः सुदत्याः
पुरः पुरश्चारु चलन्वमासे ।
वैलक्ष्यहेतोर्गतिमेतदीयाम्
अग्रेऽनुकृत्योपहसन्निवोच्चैः ॥
पुरः पुरश्चारु चलन्वमासे ।
वैलक्ष्यहेतोर्गतिमेतदीयाम्
अग्रेऽनुकृत्योपहसन्निवोच्चैः ॥
अन्वयः
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असौ हंसः अपि, वैलक्ष्यहेतोः, हंसगतेः सुदत्याः एतदीयाम् गतिम् अग्रे अनुकृत्य उच्चैः उपहसन् इव, पुरः पुरः चारु चलन् बभासे।
Summary
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That swan, too, shone as it gracefully walked ahead, as if to embarrass the swan-gaited beautiful lady by imitating her walk in front of her and laughing loudly.
पदच्छेदः
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| हंसः | हंस (१.१) | the swan |
| अपि | अपि | also |
| असौ | अदस् (१.१) | that |
| हंसगतेः | हंसगति (६.१) | of her with a swan-like gait |
| सुदत्याः | सुदती (६.१) | of the one with beautiful teeth |
| पुरः पुरः | पुरस् | again and again in front |
| चारु | चारु | gracefully |
| चलन् | चलत् (√चल्+शतृ, १.१) | walking |
| बभासे | बभासे (√भास् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | shone |
| वैलक्ष्यहेतोः | वैलक्ष्यहेतु (५.१) | for the sake of causing embarrassment |
| गतिम् | गति (२.१) | gait |
| एतदीयाम् | एतदीय (२.१) | her |
| अग्रे | अग्र (७.१) | in front |
| अनुकृत्य | अनुकृत्य (अनु√कृ+ल्यप्) | having imitated |
| उपहसन् | उपहसत् (उप√हस्+शतृ, १.१) | laughing at |
| इव | इव | as if |
| उच्चैः | उच्चैस् | loudly |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| हं | सो | ऽप्य | सौ | हं | स | ग | तेः | सु | द | त्याः |
| पु | रः | पु | र | श्चा | रु | च | ल | न्व | मा | से |
| वै | ल | क्ष्य | हे | तो | र्ग | ति | मे | त | दी | या |
| म | ग्रे | ऽनु | कृ | त्यो | प | ह | स | न्नि | वो | च्चैः |
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