पश्य द्रुतास्तंगतसूर्यनिर्य-
त्करावलीहैङ्गुलवेत्रयात्र ।
निषिध्यमानाहनि संध्ययापि
रात्रिप्रतीहारपदेऽधिकारम् ॥
पश्य द्रुतास्तंगतसूर्यनिर्य-
त्करावलीहैङ्गुलवेत्रयात्र ।
निषिध्यमानाहनि संध्ययापि
रात्रिप्रतीहारपदेऽधिकारम् ॥
त्करावलीहैङ्गुलवेत्रयात्र ।
निषिध्यमानाहनि संध्ययापि
रात्रिप्रतीहारपदेऽधिकारम् ॥
अन्वयः
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पश्य, द्रुत अस्तंगतसूर्यनिर्यत्करावलीहैङ्गुलवेत्रयात्र अहनि संध्यया अपि रात्रिप्रतीहारपदे अधिकारम् निषिध्यमाना (इव अस्ति) ।
Summary
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Look! The day, whose journey is marked by a vermilion cane which is the ray-cluster of the quickly setting sun, is being denied its authority in the post of night's doorkeeper, even by the twilight.
पदच्छेदः
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| पश्य | पश्य (√दृश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | Look |
| द्रुत | द्रुत | quickly |
| अस्तंगतसूर्यनिर्यत्करावलीहैङ्गुलवेत्रयात्र | अस्तंगत–सूर्य–निर्यत्–कर–आवली–हैङ्गुल–वेत्र–यात्र (१.१) | the journey of which is marked by a vermilion cane which is the ray-cluster of the setting sun |
| निषिध्यमाना | निषिध्यमान (नि√सिध्+यक्+शानच्, १.१) | being denied |
| अहनि | अहन् (१.१) | the day |
| संध्यया | संध्या (३.१) | by the twilight |
| अपि | अपि | even |
| रात्रिप्रतीहारपदे | रात्रि–प्रतीहार–पद (७.१) | in the post of night's doorkeeper |
| अधिकारम् | अधिकार (२.१) | its authority |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | श्य | द्रु | ता | स्तं | ग | त | सू | र्य | नि | र्य |
| त्क | रा | व | ली | है | ङ्गु | ल | वे | त्र | या | त्र |
| नि | षि | ध्य | मा | ना | ह | नि | सं | ध्य | या | पि |
| रा | त्रि | प्र | ती | हा | र | प | दे | ऽधि | का | रम् |
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