ताराततिर्बीजमिवादमाद-
मियं निरष्ठेवि यदस्थियूथम् ।
तन्निष्कुलाकृत्य रविं त्वगेषा
संध्योज्झिता पाकिमदाडिमं वा ॥
ताराततिर्बीजमिवादमाद-
मियं निरष्ठेवि यदस्थियूथम् ।
तन्निष्कुलाकृत्य रविं त्वगेषा
संध्योज्झिता पाकिमदाडिमं वा ॥
मियं निरष्ठेवि यदस्थियूथम् ।
तन्निष्कुलाकृत्य रविं त्वगेषा
संध्योज्झिता पाकिमदाडिमं वा ॥
अन्वयः
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इयम् तारा-ततिः बीजम् इव (अस्ति)। यत् अस्थि-यूथम् अदम् अदम् निरष्ठेवि। तत् पाकिम-दाडिमम् रविम् निष्कुलाकृत्य एषा संध्या त्वक् (इव) उज्झिता वा।
Summary
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This cluster of stars is like the seeds; the collection of bones (seeds) which was spat out after being eaten repeatedly. Or, having peeled the sun, that ripe pomegranate, this evening twilight was discarded like the skin.
पदच्छेदः
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| तारा | तारा | of stars |
| ततिः | तति (१.१) | the cluster |
| बीजम् | बीज (१.१) | the seed |
| इव | इव | like |
| अदम् | अदम् (√अद्+अमुल्) | eating |
| अदम् | अदम् (√अद्+अमुल्) | and eating |
| इयम् | इदम् (१.१) | this |
| निरष्ठेवि | निरष्ठेवि (निस्√ष्ठिव् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was spat out |
| यत् | यद् (१.१) | which |
| अस्थि | अस्थि | of bones (seeds) |
| यूथम् | यूथ (१.१) | collection |
| तत् | तद् | that |
| निष्कुलाकृत्य | निष्कुलाकृत्य (√कृ+च्वि+ल्यप्) | having peeled |
| रविम् | रवि (२.१) | the sun |
| त्वक् | त्वच् (१.१) | the skin |
| एषा | एतद् (१.१) | this |
| संध्या | संध्या (१.१) | evening twilight |
| उज्झिता | उज्झित (√उझ्+क्त, १.१) | was discarded |
| पाकिम | पाकिम | ripe |
| दाडिमम् | दाडिम (२.१) | pomegranate |
| वा | वा | or |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ता | रा | त | ति | र्बी | ज | मि | वा | द | मा | द |
| मि | यं | नि | र | ष्ठे | वि | य | द | स्थि | यू | थम् |
| त | न्नि | ष्कु | ला | कृ | त्य | र | विं | त्व | गे | षा |
| सं | ध्यो | ज्झि | ता | पा | कि | म | दा | डि | मं | वा |
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