अन्तः सलक्ष्मीक्रियते सुधांशो
रूपेण पश्ये हरिणेन पश्य ।
इत्येष भैमीमददर्शदस्य
कदाचिदन्तं स कदाचिदन्तः ॥
अन्तः सलक्ष्मीक्रियते सुधांशो
रूपेण पश्ये हरिणेन पश्य ।
इत्येष भैमीमददर्शदस्य
कदाचिदन्तं स कदाचिदन्तः ॥
रूपेण पश्ये हरिणेन पश्य ।
इत्येष भैमीमददर्शदस्य
कदाचिदन्तं स कदाचिदन्तः ॥
अन्वयः
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(हे भैमि) पश्य, सुधांशोः अन्तः हरिणेन रूपेण स-लक्ष्मी-क्रियते, पश्य । इति सः एषः भैमीम् अस्य कदाचित् अन्तम्, कदाचित् अन्तः अददर्शत् ।
Summary
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"Look, the inside of the moon is beautified by the form of the deer, look!" Thus speaking, Nala showed Damayanti sometimes the edge of the moon and sometimes its interior.
पदच्छेदः
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| अन्तः | अन्तः | inside |
| सलक्ष्मीक्रियते | सलक्ष्मीक्रियते (सलक्ष्मी√कृ +क्यङ्+यक् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is made beautiful |
| सुधांशोः | सुधांशु (६.१) | of the moon |
| रूपेण | रूप (३.१) | by the form |
| पश्य | पश्य (√दृश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | look! |
| हरिणेन | हरिण (३.१) | by the deer |
| पश्य | पश्य (√दृश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | look! |
| इति | इति | thus |
| एषः | एतद् (१.१) | this (Nala) |
| भैमीम् | भैमी (२.१) | Bhaimi (Damayanti) |
| अददर्शत् | अददर्शत् (आ√दृश् +णिच्+चङ् कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | showed |
| अस्य | इदम् (६.१) | of this (moon) |
| कदाचित् | कदाचित् | sometimes |
| अन्तम् | अन्त (२.१) | the edge |
| सः | तद् (१.१) | he (Nala) |
| कदाचित् | कदाचित् | sometimes |
| अन्तः | अन्तः | the inside |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | न्तः | स | ल | क्ष्मी | क्रि | य | ते | सु | धां | शो |
| रू | पे | ण | प | श्ये | ह | रि | णे | न | प | श्य |
| इ | त्ये | ष | भै | मी | म | द | द | र्श | द | स्य |
| क | दा | चि | द | न्तं | स | क | दा | चि | द | न्तः |
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