नास्य द्विजेन्द्रस्य बभूव पश्य
दारान्गुरोर्यातवतोऽपि पातः ।
प्रवृत्तयोऽप्यात्ममयप्रकाशा-
न्नहन्ति न ह्यन्तिमदेहमाप्तान् ॥
नास्य द्विजेन्द्रस्य बभूव पश्य
दारान्गुरोर्यातवतोऽपि पातः ।
प्रवृत्तयोऽप्यात्ममयप्रकाशा-
न्नहन्ति न ह्यन्तिमदेहमाप्तान् ॥
दारान्गुरोर्यातवतोऽपि पातः ।
प्रवृत्तयोऽप्यात्ममयप्रकाशा-
न्नहन्ति न ह्यन्तिमदेहमाप्तान् ॥
अन्वयः
AI
पश्य, गुरोः दारान् यातवतः अपि अस्य द्विजेन्द्रस्य पातः न बभूव । हि आत्म-मय-प्रकाशान् आप्तान् (जनान्) प्रवृत्तयः अपि न नहन्ति ।
Summary
AI
Behold, there was no sinful fall for this chief of the twice-born (the moon), even though he approached the wife of his preceptor. For indeed, worldly actions do not bind those who have attained the final body (liberation) and are illuminated by the light of the Self.
पदच्छेदः
AI
| न | न | not |
| अस्य | इदम् (६.१) | of this |
| द्विजेन्द्रस्य | द्विजेन्द्र (६.१) | of the chief of the twice-born (moon) |
| बभूव | बभूव (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | occurred |
| पश्य | पश्य (√दृश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | behold |
| दारान् | दारा (२.३) | the wife |
| गुरोः | गुरु (६.१) | of his preceptor |
| यातवतः | यातवत् (√या+क्तवतु, ६.१) | of one who approached |
| अपि | अपि | even |
| पातः | पात (१.१) | a fall (sin) |
| प्रवृत्तयः | प्रवृत्ति (१.३) | actions |
| अपि | अपि | even |
| आत्म | आत्मन् | self |
| मय | मयट् | consisting of |
| प्रकाशान् | प्रकाश (२.३) | light |
| नहन्ति | नहन्ति (√नह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | bind |
| न | न | not |
| हि | हि | for |
| अन्तिम | अन्तिम | final |
| देहम् | देह (२.१) | body |
| आप्तान् | आप्त (√आप्+क्त, २.३) | those who have attained |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | स्य | द्वि | जे | न्द्र | स्य | ब | भू | व | प | श्य |
| दा | रा | न्गु | रो | र्या | त | व | तो | ऽपि | पा | तः |
| प्र | वृ | त्त | यो | ऽप्या | त्म | म | य | प्र | का | शा |
| न्न | ह | न्ति | न | ह्य | न्ति | म | दे | ह | मा | प्तान् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.