प्रियेण साथ प्रियमेवमुक्ता
विदर्भभूमीपतिवंशमुक्ता ।
स्मितांशुजालं विततार तारा
दिवः स्फुरन्तीव कृतावतारा ॥
प्रियेण साथ प्रियमेवमुक्ता
विदर्भभूमीपतिवंशमुक्ता ।
स्मितांशुजालं विततार तारा
दिवः स्फुरन्तीव कृतावतारा ॥
विदर्भभूमीपतिवंशमुक्ता ।
स्मितांशुजालं विततार तारा
दिवः स्फुरन्तीव कृतावतारा ॥
अन्वयः
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अथ प्रियेण एवम् प्रियम् उक्ता, सा विदर्भ-भूमीपति-वंश-मुक्ता, दिवः कृत-अवतारा स्फुरन्ती तारा इव, स्मित-अंशु-जालम् विततार ।
Summary
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Then, spoken to so lovingly by her beloved, she, the pearl of the lineage of the king of Vidarbha, spread a net of smile-rays, like a glittering star that had descended from the sky.
पदच्छेदः
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| प्रियेण | प्रिय (३.१) | by her beloved |
| सा | तद् (१.१) | she |
| अथ | अथ | then |
| प्रियम् | प्रियम् | lovingly |
| एवम् | एवम् | thus |
| उक्ता | उक्त (√वच्+क्त, १.१) | spoken to |
| विदर्भभूमीपतिवंशमुक्ता | विदर्भ–भूमीपति–वंश–मुक्ता (१.१) | the pearl of the lineage of the king of Vidarbha |
| स्मितांशुजालम् | स्मित–अंशु–जाल (२.१) | a net of smile-rays |
| विततार | विततार (वि√तॄ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | spread |
| तारा | तारा (१.१) | a star |
| दिवः | दिव् (५.१) | from the sky |
| स्फुरन्ती | स्फुरत् (√स्फुर्+शतृ, १.१) | glittering |
| इव | इव | like |
| कृतावतारा | कृत–अवतार (१.१) | one who has descended |
छन्दः
उपेन्द्रवज्रा [११: जतजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रि | ये | ण | सा | थ | प्रि | य | मे | व | मु | क्ता |
| वि | द | र्भ | भू | मी | प | ति | वं | श | मु | क्ता |
| स्मि | तां | शु | जा | लं | वि | त | ता | र | ता | रा |
| दि | वः | स्फु | र | न्ती | व | कृ | ता | व | ता | रा |
| ज | त | ज | ग | ग | ||||||
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