प्राप्ता तवापि नृप जीवितदेवतेयं
घर्माम्बुशीकरकरम्बनमम्बुजाक्षी ।
ते ते यथा रतिपतेः कुसुमानि बाणाः
स्वेदस्तथैव किमु तस्य शरक्षतास्रम् ॥
प्राप्ता तवापि नृप जीवितदेवतेयं
घर्माम्बुशीकरकरम्बनमम्बुजाक्षी ।
ते ते यथा रतिपतेः कुसुमानि बाणाः
स्वेदस्तथैव किमु तस्य शरक्षतास्रम् ॥
घर्माम्बुशीकरकरम्बनमम्बुजाक्षी ।
ते ते यथा रतिपतेः कुसुमानि बाणाः
स्वेदस्तथैव किमु तस्य शरक्षतास्रम् ॥
अन्वयः
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नृप, तव जीवित-देवता इयम् अम्बुजाक्षी अपि घर्म-अम्बु-शीकर-करम्बनम् प्राप्ता । यथा रतिपतेः ते ते कुसुमानि बाणाः (सन्ति), तथा एव तस्य स्वेदः शर-क्षत-अस्रम् किमु?
Summary
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O King, this lotus-eyed goddess of your life is also covered in droplets of perspiration. Just as those flowers are the arrows of Kamadeva, is this perspiration the blood from the wounds inflicted by his arrows?
पदच्छेदः
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| प्राप्ता | प्राप्त (प्र√आप्+क्त, १.१) | has obtained |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| अपि | अपि | also |
| नृप | नृप (८.१) | O king |
| जीवितदेवता | जीवित–देवता (१.१) | the goddess of life |
| इयं | इदम् (१.१) | this |
| घर्माम्बुशीकरकरम्बनम् | घर्म–अम्बु–शीकर–करम्बन (२.१) | a mixture of droplets of perspiration |
| अम्बुजाक्षी | अम्बुज–अक्षि (१.१) | lotus-eyed one |
| ते | तद् (१.३) | those |
| ते | तद् (१.३) | those |
| यथा | यथा | just as |
| रतिपतेः | रतिपति (६.१) | of Kamadeva |
| कुसुमानि | कुसुम (१.३) | flowers |
| बाणाः | बाण (१.३) | are arrows |
| स्वेदः | स्वेद (१.१) | perspiration |
| तथैव | तथा–एव | in the same way |
| किमु | किम्–उ | is it |
| तस्य | तद् (६.१) | his |
| शरक्षतास्रम् | शर–क्षत–अस्र (१.१) | the blood from arrow wounds |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रा | प्ता | त | वा | पि | नृ | प | जी | वि | त | दे | व | ते | यं |
| घ | र्मा | म्बु | शी | क | र | क | र | म्ब | न | म | म्बु | जा | क्षी |
| ते | ते | य | था | र | ति | प | तेः | कु | सु | मा | नि | बा | णाः |
| स्वे | द | स्त | थै | व | कि | मु | त | स्य | श | र | क्ष | ता | स्रम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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