दत्ते जयं जनितपत्त्रनिवेशनेयं
साक्षीकृतेन्दुवदना मदनाय तन्वी ।
मध्यस्थदुर्बलतमत्वफलं किमेत-
द्भुक्तिर्यदत्र तव भर्त्सितमत्स्यकेतोः ॥
दत्ते जयं जनितपत्त्रनिवेशनेयं
साक्षीकृतेन्दुवदना मदनाय तन्वी ।
मध्यस्थदुर्बलतमत्वफलं किमेत-
द्भुक्तिर्यदत्र तव भर्त्सितमत्स्यकेतोः ॥
साक्षीकृतेन्दुवदना मदनाय तन्वी ।
मध्यस्थदुर्बलतमत्वफलं किमेत-
द्भुक्तिर्यदत्र तव भर्त्सितमत्स्यकेतोः ॥
अन्वयः
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जनित-पत्त्र-निवेशना, साक्षीकृत-इन्दु-वदना इयम् तन्वी मदनाय जयम् दत्ते । भर्त्सित-मत्स्यकेतोः तव अत्र यत् भुक्तिः, एतत् किम् मध्यस्थ-दुर्बलतमत्व-फलम्?
Summary
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This slender lady, adorned with leaf-like designs and a face that shames the moon, gives victory to Kamadeva. Is your enjoyment of her, you who surpass Kamadeva himself, the result of her extremely slender waist?
पदच्छेदः
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| दत्ते | दत्ते (√दा कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | gives |
| जयं | जय (२.१) | victory |
| जनितपत्त्रनिवेशना | जनित (√जन्+णिच्+क्त)–पत्त्र–निवेशन (१.१) | she on whom leaf-like decorations have been drawn |
| इयं | इदम् (१.१) | this |
| साक्षीकृतेन्दुवदना | साक्षीकृ–इन्दु–वदना (१.१) | she whose face has made the moon a witness |
| मदनाय | मदन (४.१) | to Kamadeva |
| तन्वी | तन्वी (१.१) | slender lady |
| मध्यस्थदुर्बलतमत्वफलं | मध्यस्थ–दुर्बलतमत्व–फल (१.१) | the result of the extreme slenderness of her waist |
| किम् | किम् | is it |
| एतत् | एतद् (१.१) | this |
| भुक्तिः | भुक्ति (१.१) | enjoyment |
| यत् | यद् | that |
| अत्र | अत्र | here |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| भर्त्सितमत्स्यकेतोः | भर्त्सित (√भर्त्स्+क्त)–मत्स्यकेतु (६.१) | of you, who has surpassed Kamadeva |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| द | त्ते | ज | यं | ज | नि | त | प | त्त्र | नि | वे | श | ने | यं |
| सा | क्षी | कृ | ते | न्दु | व | द | ना | म | द | ना | य | त | न्वी |
| म | ध्य | स्थ | दु | र्ब | ल | त | म | त्व | फ | लं | कि | मे | त |
| द्भु | क्ति | र्य | द | त्र | त | व | भ | र्त्सि | त | म | त्स्य | के | तोः |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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