कूजायुजा बहुलपक्षशितिम्नि सीम्ना
स्पष्टं कुहूपदपदार्थमिथोऽन्वयेन ।
तिर्यग्धृतस्फटिकदण्डकवर्तिनैका
तामन्ववर्तत पिकेन मदाधिकेन ॥
कूजायुजा बहुलपक्षशितिम्नि सीम्ना
स्पष्टं कुहूपदपदार्थमिथोऽन्वयेन ।
तिर्यग्धृतस्फटिकदण्डकवर्तिनैका
तामन्ववर्तत पिकेन मदाधिकेन ॥
स्पष्टं कुहूपदपदार्थमिथोऽन्वयेन ।
तिर्यग्धृतस्फटिकदण्डकवर्तिनैका
तामन्ववर्तत पिकेन मदाधिकेन ॥
अन्वयः
AI
कूजा-युजा बहुल-पक्ष-शितिम्नि सीम्ना स्पष्टम् कुहू-पद-पदार्थ-मिथः-अन्वयेन मदाधिकेन पकेन (सहिता) तिर्यक्-धृत-स्फटिक-दण्डक-वर्तिना एका (आली) ताम् अन्ववर्तत ।
Summary
AI
Another handmaiden followed her with a highly impassioned cuckoo perched on a crystal rod held horizontally. By its cooing, the cuckoo clearly established the connection between the word 'kuhu' (its cry) and its meaning, the darkness of the new moon night.
पदच्छेदः
AI
| कूजा-युजा | कूजा–युज् (३.१) | by its cooing |
| बहुल-पक्ष-शितिम्नि | बहुल–पक्ष–शितिम्न् (७.१) | in the darkness of the dark fortnight |
| सीम्ना | सीमन् (३.१) | by the limit |
| स्पष्टम् | स्पष्टम् | clearly |
| कुहू-पद-पदार्थ-मिथः-अन्वयेन | कुहू–पद–पदार्थ–मिथस्–अन्वय (३.१) | by the mutual connection of the word 'kuhu' and its meaning |
| तिर्यक्-धृत-स्फटिक-दण्डक-वर्तिना | तिर्यक्–धृत–स्फटिक–दण्डक–वर्तिन् (३.१) | by one perched on a crystal rod held horizontally |
| एका | एक (१.१) | one (handmaiden) |
| ताम् | तद् (२.१) | her |
| अन्ववर्तत | अन्ववर्तत (अनु√वृत् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | followed |
| पिकेन | पिक (३.१) | with a cuckoo |
| मदाधिकेन | मद–अधिक (३.१) | which was highly intoxicated |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कू | जा | यु | जा | ब | हु | ल | प | क्ष | शि | ति | म्नि | सी | म्ना |
| स्प | ष्टं | कु | हू | प | द | प | दा | र्थ | मि | थो | ऽन्व | ये | न |
| ति | र्य | ग्धृ | त | स्फ | टि | क | द | ण्ड | क | व | र्ति | नै | का |
| ता | म | न्व | व | र्त | त | पि | के | न | म | दा | धि | के | न |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.