अन्वयः
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ते सख्यौ आचचक्षाते, (वयम्) बहु किञ्चित् न ब्रूवहे । परम् वयम् सर्वाः यस्मै निर्वासिताः (स्मः), तत् वक्ष्यावः ।
Summary
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Those two friends replied, "We two will not say much. But we will say that for whose sake all of us have been exiled."
पदच्छेदः
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| ते | तद् (१.२) | Those two |
| सख्यौ | सखि (१.२) | friends |
| आचचक्षाते | आचचक्षाते (आ√चक्ष् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. द्वि.) | replied |
| न | न | not |
| किञ्चित् | किञ्चित् | anything |
| ब्रूवहे | ब्रूवहे (√ब्रू कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. द्वि.) | we two say |
| बहु | बहु | much |
| वक्ष्यावः | वक्ष्यावः (√वच् कर्तरि लृट् (परस्मै.) उ.पु. द्वि.) | we two will say |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| परम् | परम् | but |
| यस्मै | यद् (४.१) | for whom |
| सर्वाः | सर्व (१.३) | all |
| निर्वासिताः | निर्वासित (निर्√वस्+णिच्+क्त, १.३) | have been exiled |
| वयम् | अस्मद् (१.३) | we |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ते | स | ख्या | वा | च | च | क्षा | ते |
| न | किं | चि | द्ब्रू | व | हे | ब | हु |
| व | क्ष्या | व | स्त | त्प | रं | य | स्मै |
| स | र्वा | नि | र्वा | सि | ता | व | यम् |
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