अनुभवति शचीत्थं सा घृताचीमुखाभि-
र्न सह सहचरीभिर्नन्दनानन्दमुच्चैः ।
इति मतिरुदयासीत्पक्षिणः प्रेक्ष्य भैमीं
विपिनभुवि सखीभिः सार्धमाबद्धकेलिम् ॥
अनुभवति शचीत्थं सा घृताचीमुखाभि-
र्न सह सहचरीभिर्नन्दनानन्दमुच्चैः ।
इति मतिरुदयासीत्पक्षिणः प्रेक्ष्य भैमीं
विपिनभुवि सखीभिः सार्धमाबद्धकेलिम् ॥
र्न सह सहचरीभिर्नन्दनानन्दमुच्चैः ।
इति मतिरुदयासीत्पक्षिणः प्रेक्ष्य भैमीं
विपिनभुवि सखीभिः सार्धमाबद्धकेलिम् ॥
अन्वयः
AI
विपिन-भुवि सखीभिः सार्धम् आबद्ध-केलिम् भैमीम् प्रेक्ष्य पक्षिणः इति मतिः उदयासीत् — सा शची इत्थम् घृताची-मुखाभिः सहचरीभिः सह उच्चैः नन्दन-आनन्दम् न अनुभवति ।
Summary
AI
Seeing Damayanti engaged in play with her friends in the garden, this thought arose in the bird's mind: 'Even Shachi (Indra's wife) does not experience the great joy of the Nandana garden in this way with her companions led by Ghritachi.'
पदच्छेदः
AI
| अनुभवति | अनुभवति (अनु√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | experiences |
| शची | शची (१.१) | Shachi (Indra's wife) |
| इत्थं | इत्थम् | in this way |
| सा | तद् (१.१) | that |
| घृताचीमुखाभिः | घृताची–मुख (३.३) | led by Ghritachi |
| न | न | not |
| सह | सह | with |
| सहचरीभिः | सहचरी (३.३) | with companions |
| नन्दनानन्दम् | नन्दन–आनन्द (२.१) | the joy of the Nandana garden |
| उच्चैः | उच्चैः | greatly |
| इति | इति | thus |
| मतिः | मति (१.१) | a thought |
| उदयासीत् | उदयासीत् (उद्+आ√इ कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | arose |
| पक्षिणः | पक्षिन् (६.१) | of the bird |
| प्रेक्ष्य | प्रेक्ष्य (प्र√ईक्ष्+ल्यप्) | having seen |
| भैमीं | भैमी (२.१) | Damayanti |
| विपिनभुवि | विपिन–भु (७.१) | in the garden-ground |
| सखीभिः | सखी (३.३) | with friends |
| सार्धम् | सार्धम् | with |
| आबद्धकेलिम् | आबद्ध (आ√बन्ध्+क्त)–केलि (२.१) | engaged in play |
छन्दः
मालिनी [१५: ननमयय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | नु | भ | व | ति | श | ची | त्थं | सा | घृ | ता | ची | मु | खा | भि |
| र्न | स | ह | स | ह | च | री | भि | र्न | न्द | ना | न | न्द | मु | च्चैः |
| इ | ति | म | ति | रु | द | या | सी | त्प | क्षि | णः | प्रे | क्ष्य | भै | मीं |
| वि | पि | न | भु | वि | स | खी | भिः | सा | र्ध | मा | ब | द्ध | के | लिम् |
| न | न | म | य | य | ||||||||||
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