भ्रमणरयविकीर्णस्वर्णभासा खगेन
क्वचन पतनयोग्यं देशमन्विष्यताधः ।
मुखविधुमदसीयं सेवितुं लम्बमानः
शशिपरिधिरिवोर्ध्वं मण्डलस्तेन तेने ॥
भ्रमणरयविकीर्णस्वर्णभासा खगेन
क्वचन पतनयोग्यं देशमन्विष्यताधः ।
मुखविधुमदसीयं सेवितुं लम्बमानः
शशिपरिधिरिवोर्ध्वं मण्डलस्तेन तेने ॥
क्वचन पतनयोग्यं देशमन्विष्यताधः ।
मुखविधुमदसीयं सेवितुं लम्बमानः
शशिपरिधिरिवोर्ध्वं मण्डलस्तेन तेने ॥
अन्वयः
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भ्रमण-रय-विकीर्ण-स्वर्ण-भासा, अधः क्वचन पतन-योग्यम् देशम् अन्विष्यता तेन खगेन, अदसीयम् मुख-विधुम् सेवितुम् लम्बमानः शशि-परिधिः इव, ऊर्ध्वम् मण्डलः तेने ।
Summary
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By that bird, whose golden luster was scattered by its rapid circling as it searched below for a place to land, a circle was formed high above. It appeared like a lunar halo, hanging down as if to serve her moon-like face.
पदच्छेदः
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| भ्रमणरयविकीर्णस्वर्णभासा | भ्रमण–रय–विकीर्ण (वि√कॄ+क्त)–स्वर्ण–भास् (३.१) | by the one whose golden luster was scattered by the speed of its circling |
| खगेन | खग (३.१) | by the bird |
| क्वचन | क्वचन | somewhere |
| पतनयोग्यं | पतन–योग्य (२.१) | a suitable place to land |
| देशम् | देश (२.१) | a place |
| अन्विष्यता | अन्विष्यत् (अनु√इष्+शतृ, ३.१) | by the one searching |
| अधः | अधः | below |
| मुखविधुम् | मुख–विधु (२.१) | the moon-like face |
| अदसीयम् | अदसीय (२.१) | her |
| सेवितुं | सेवितुम् (√सेव्+तुमुन्) | to serve |
| लम्बमानः | लम्बमान (√लम्ब्+शानच्, १.१) | hanging down |
| शशिपरिधिरिव | शशिन्–परिधि (१.१)–इव | like a halo of the moon |
| ऊर्ध्वं | ऊर्ध्वम् | above |
| मण्डलः | मण्डल (१.१) | a circle |
| तेन | तेने (√तन् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was formed |
छन्दः
मालिनी [१५: ननमयय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भ्र | म | ण | र | य | वि | की | र्ण | स्व | र्ण | भा | सा | ख | गे | न |
| क्व | च | न | प | त | न | यो | ग्यं | दे | श | म | न्वि | ष्य | ता | धः |
| मु | ख | वि | धु | म | द | सी | यं | से | वि | तुं | ल | म्ब | मा | नः |
| श | शि | प | रि | धि | रि | वो | र्ध्वं | म | ण्ड | ल | स्ते | न | ते | ने |
| न | न | म | य | य | ||||||||||
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