अवैमि कमलाकरे निखिलयामिनीयामिक-
श्रियं श्रयति यत्पुरा विततपत्त्रनेत्रोदरम् ।
तदेव कुमुदं पुनर्दिनमवाप्य नर्भभ्रम-
द्द्विरेफरवघोरणाघनमुपैति निद्रामुदम् ॥
अवैमि कमलाकरे निखिलयामिनीयामिक-
श्रियं श्रयति यत्पुरा विततपत्त्रनेत्रोदरम् ।
तदेव कुमुदं पुनर्दिनमवाप्य नर्भभ्रम-
द्द्विरेफरवघोरणाघनमुपैति निद्रामुदम् ॥
श्रियं श्रयति यत्पुरा विततपत्त्रनेत्रोदरम् ।
तदेव कुमुदं पुनर्दिनमवाप्य नर्भभ्रम-
द्द्विरेफरवघोरणाघनमुपैति निद्रामुदम् ॥
अन्वयः
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यत् कुमुदम् पुरा कमल-आकरे निखिल-यामिनी-यामिक-श्रियम् श्रयति (स्म), वितत-पत्त्र-नेत्र-उदरम् (च आसीत्), तत् एव कुमुदम् पुनः दिनम् अवाप्य नर्भ-भ्रमत्-द्विरेफ-रव-घोरणा-घनम् (सत्) निद्रा-मुदम् उपैति (इति) अवैमि ।
Summary
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I understand that the very same night-lotus which, in the pond, formerly enjoyed the splendor of being the night's watchman with its petal-eyes wide open, now, upon the arrival of day, attains the joy of sleep, dense with the snoring sound of fearlessly wandering bees.
पदच्छेदः
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| अवैमि | अवैमि (अव√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I understand |
| कमलाकरे | कमल–आकर (७.१) | in the pond |
| निखिलयामिनीयामिकश्रियं | निखिल–यामिनी–यामिक–श्री (२.१) | the beauty of being the watchman for the entire night |
| श्रयति | श्रयति (√श्रि कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | possesses |
| यत् | यद् (१.१) | which |
| पुरा | पुरा | formerly (during the night) |
| विततपत्त्रनेत्रोदरम् | वितत–पत्त्र–नेत्र–उदर (१.१) | whose inner part of the eye-like petal was wide open |
| तदेव | तद्–एव (१.१) | that very same |
| कुमुदं | कुमुद (१.१) | the night-lotus |
| पुनः | पुनर् | again |
| दिनम् | दिन (२.१) | the day |
| अवाप्य | अवाप्य (अव√आप्+ल्यप्) | having reached |
| नर्भभ्रमद्द्विरेफरवघोरणाघनम् | नर्भ–भ्रमत् (√भ्रम्+शतृ)–द्विरेफ–रव–घोरणा–घनम् | densely with the snoring sound of fearlessly wandering bees |
| उपैति | उपैति (उप√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | attains |
| निद्रामुदम् | निद्रा–मुद् (२.१) | the joy of sleep |
छन्दः
पृथ्वी [१७: जसजसयलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | वै | मि | क | म | ला | क | रे | नि | खि | ल | या | मि | नी | या | मि | क |
| श्रि | यं | श्र | य | ति | य | त्पु | रा | वि | त | त | प | त्त्र | ने | त्रो | द | रम् |
| त | दे | व | कु | मु | दं | पु | न | र्दि | न | म | वा | प्य | न | र्भ | भ्र | म |
| द्द्वि | रे | फ | र | व | घो | र | णा | घ | न | मु | पै | ति | नि | द्रा | मु | दम् |
| ज | स | ज | स | य | ल | ग | ||||||||||
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