बहुनखरता येषामग्रे खलु प्रतिभासते
कमलसुहृदस्तेऽमी भानोः प्रवालरुचः कराः ।
उचितमुचितं जालेष्वन्तःप्रवेशिभिरायतैः
कियदवयवैरेषामालिङ्गिताङ्गुलिलङ्गिमा ॥
बहुनखरता येषामग्रे खलु प्रतिभासते
कमलसुहृदस्तेऽमी भानोः प्रवालरुचः कराः ।
उचितमुचितं जालेष्वन्तःप्रवेशिभिरायतैः
कियदवयवैरेषामालिङ्गिताङ्गुलिलङ्गिमा ॥
कमलसुहृदस्तेऽमी भानोः प्रवालरुचः कराः ।
उचितमुचितं जालेष्वन्तःप्रवेशिभिरायतैः
कियदवयवैरेषामालिङ्गिताङ्गुलिलङ्गिमा ॥
अन्वयः
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येषाम् अग्रे बहु-नख-रता खलु प्रतिभासते, ते अमी कमल-सुहृदः प्रवाल-रुचः भानोः कराः (सन्ति) । जालेषु अन्तः-प्रवेशिभिः आयतैः एषाम् अवयवैः कियत् उचितम् उचितम् अङ्गुलि-लङ्गिमा आलिङ्गितः ।
Summary
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These are the coral-hued rays (hands) of the sun, the friend of lotuses, at whose tips many nails (smaller rays) appear. How appropriately the grace of fingers is embraced by these long parts (rays) as they enter through the lattices of windows.
पदच्छेदः
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| बहुनखरता | बहु–नख–रता (१.१) | the state of having many nails/tips |
| येषाम् | यद् (६.३) | of which |
| अग्रे | अग्र (७.१) | at the tip |
| खलु | खलु | indeed |
| प्रतिभासते | प्रतिभासते (प्रति√भास् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | appears |
| कमलसुहृदः | कमल–सुहृद् (६.१) | of the friend of lotuses |
| ते | तद् (१.३) | those |
| अमी | अदस् (१.३) | these |
| भानोः | भानु (६.१) | of the sun |
| प्रवालरुचः | प्रवाल–रुच् (१.३) | having the lustre of coral |
| कराः | कर (१.३) | rays (hands) |
| उचितम् | उचित | appropriately |
| जालेषु | जाल (७.३) | in the lattices |
| अन्तःप्रवेशिभिः | अन्तस्–प्रवेशिन् (३.३) | by those that enter inside |
| आयतैः | आयत (३.३) | by the long ones |
| कियत् | कियत् | how much |
| अवयवैः | अवयव (३.३) | by the parts |
| एषाम् | एतद् (६.३) | of these |
| आलिङ्गिताङ्गुलिलङ्गिमा | आलिङ्गित–अङ्गुलि–लङ्घिमन् (१.१) | the grace of fingers is embraced |
छन्दः
हरिणी [१७: नसमरसलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब | हु | न | ख | र | ता | ये | षा | म | ग्रे | ख | लु | प्र | ति | भा | स | ते |
| क | म | ल | सु | हृ | द | स्ते | ऽमी | भा | नोः | प्र | वा | ल | रु | चः | क | राः |
| उ | चि | त | मु | चि | तं | जा | ले | ष्व | न्तः | प्र | वे | शि | भि | रा | य | तैः |
| कि | य | द | व | य | वै | रे | षा | मा | लि | ङ्गि | ता | ङ्गु | लि | ल | ङ्गि | मा |
| न | स | म | र | स | ल | ग | ||||||||||
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