उदयशिखरिप्रस्थान्यह्ना रणेऽत्र निशः क्षणे
दधति विहरत्पूषाण्यूष्मद्रुताश्मजतुस्रवान् ।
उदयदरुणप्रह्वीभावादरादरुणानुजे
मिलति किमु तत्सङ्गाच्छङ्क्या नवेष्टकवेष्टना ॥
उदयशिखरिप्रस्थान्यह्ना रणेऽत्र निशः क्षणे
दधति विहरत्पूषाण्यूष्मद्रुताश्मजतुस्रवान् ।
उदयदरुणप्रह्वीभावादरादरुणानुजे
मिलति किमु तत्सङ्गाच्छङ्क्या नवेष्टकवेष्टना ॥
दधति विहरत्पूषाण्यूष्मद्रुताश्मजतुस्रवान् ।
उदयदरुणप्रह्वीभावादरादरुणानुजे
मिलति किमु तत्सङ्गाच्छङ्क्या नवेष्टकवेष्टना ॥
अन्वयः
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अत्र रणे अह्ना क्षणे निशः उदय-शिखरि-प्रस्थानि विहरत्-पूष-अणि-ऊष्म-द्रुत-अश्म-जतु-स्रवान् दधति। उदयत्-अरुण-प्रह्वी-भावात् अरात् अरुण-अनुजे (गरुडे) मिलति (सति), तत्-सङ्गात् नव-इष्टक-वेष्टना किमु शङ्क्या।
Summary
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In this battle, the plateaus of the sunrise mountain, by the action of the day, bear the flowing streams of bitumen—the blood of the slain night—melted by the intense heat of the sun's rays. As Aruna's younger brother (Garuda) quickly meets the rising dawn out of respect for its bowing, is a new brick enclosure to be suspected from their union?
पदच्छेदः
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| उदयशिखरिप्रस्थानि | उदय–शिखरिन्–प्रस्थ (१.३) | The plateaus of the sunrise mountain |
| अह्ना | अहन् (३.१) | by the day |
| रणे | रण (७.१) | in the battle |
| अत्र | अत्र | here |
| निशः | निश् (६.१) | of the night |
| क्षणे | क्षण (७.१) | at the moment of being slain |
| दधति | दधति (√धा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | bear |
| विहरत्पूषाण्यूष्मद्रुताश्मजतुस्रवान् | विहरत्–पूषन्–अणि–ऊष्मन्–द्रुत–अश्मजतु–स्रव (२.३) | the flows of bitumen melted by the intense heat of the moving sun |
| उदयदरुणप्रह्वीभावात् | उदयत्–अरुण–प्रह्वीभाव (५.१) | from the respectful bowing of the rising dawn |
| अरात् | अरात् | quickly |
| अरुणानुजे | अरुण–अनुज (७.१) | Aruna's younger brother (Garuda) |
| मिलति | मिलति (√मिल् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | meets |
| किमु | किमु | is it that |
| तत्सङ्गात् | तद्–सङ्ग (५.१) | from their union |
| शङ्क्या | शङ्क्या (√शङ्क्+यत्+टाप्, १.१) | is to be suspected |
| नवेष्टकवेष्टना | नव–इष्टक–वेष्टना (१.१) | a new brick enclosure |
छन्दः
हरिणी [१७: नसमरसलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | द | य | शि | ख | रि | प्र | स्था | न्य | ह्ना | र | णे | ऽत्र | नि | शः | क्ष | णे |
| द | ध | ति | वि | ह | र | त्पू | षा | ण्यू | ष्म | द्रु | ता | श्म | ज | तु | स्र | वान् |
| उ | द | य | द | रु | ण | प्र | ह्वी | भा | वा | द | रा | द | रु | णा | नु | जे |
| मि | ल | ति | कि | मु | त | त्स | ङ्गा | च्छ | ङ्क्या | न | वे | ष्ट | क | वे | ष्ट | ना |
| न | स | म | र | स | ल | ग | ||||||||||
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