प्रथममुपहृत्यार्घं तारैरखन्डिततण्डुलै-
स्तिमिरपरिषद्दूर्वापर्वावलीशबलीकृतैः ।
अथ रविरुचां ग्रासातिथ्यं नभः स्वविहारिभिः
सृजति शिशिरक्षोदश्रेणीमयैरुदसक्तुभिः ॥
प्रथममुपहृत्यार्घं तारैरखन्डिततण्डुलै-
स्तिमिरपरिषद्दूर्वापर्वावलीशबलीकृतैः ।
अथ रविरुचां ग्रासातिथ्यं नभः स्वविहारिभिः
सृजति शिशिरक्षोदश्रेणीमयैरुदसक्तुभिः ॥
स्तिमिरपरिषद्दूर्वापर्वावलीशबलीकृतैः ।
अथ रविरुचां ग्रासातिथ्यं नभः स्वविहारिभिः
सृजति शिशिरक्षोदश्रेणीमयैरुदसक्तुभिः ॥
अन्वयः
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प्रथमम् तिमिर-परिषद्-दूर्वा-पर्व-अवली-शबली-कृतैः अखण्डित-तण्डुलैः तारैः अर्घम् उपहृत्य, अथ नभः स्व-विहारिभिः शिशिर-क्षोद-श्रेणी-मयैः उद-सक्तुभिः रवि-रुचाम् ग्रास-आतिथ्यम् सृजति।
Summary
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First, having made a respectful offering with stars as unbroken rice grains, variegated by rows of Durva grass blades which were the assembly of darkness, the sky now prepares a feast for the sun's rays. It does so with its own inhabitants, the dew drops, which are like lines of cool, powdered barley.
पदच्छेदः
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| प्रथमम् | प्रथमम् | First |
| उपहृत्य | उपहृत्य (उप√हृ+ल्यप्) | having offered |
| अर्घम् | अर्घ (२.१) | a respectful offering |
| तारैः | तार (३.३) | with the stars |
| अखण्डिततण्डुलैः | अखण्डित–तण्डुल (३.३) | as unbroken rice grains |
| तिमिरपरिषद्दूर्वापर्वावलीशबलीकृतैः | तिमिर–परिषद्–दूर्वा–पर्वन्–आवली–शबलीकृत (३.३) | variegated by rows of Durva grass blades which were the assembly of darkness |
| अथ | अथ | then |
| रविरुचाम् | रवि–रुच् (६.३) | for the sun's rays |
| ग्रासातिथ्यम् | ग्रास–आतिथ्य (२.१) | a feast |
| नभः | नभस् (१.१) | the sky |
| स्वविहारिभिः | स्व–विहारिन् (३.३) | by its own inhabitants |
| सृजति | सृजति (√सृज् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | creates |
| शिशिरक्षोदश्रेणीमयैः | शिशिर–क्षोद–श्रेणी–मय (३.३) | which are like lines of cool powder |
| उदसक्तुभिः | उद–सक्तु (३.३) | with water-barley (dew drops) |
छन्दः
हरिणी [१७: नसमरसलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | थ | म | मु | प | हृ | त्या | र्घं | ता | रै | र | ख | न्डि | त | त | ण्डु | लै |
| स्ति | मि | र | प | रि | ष | द्दू | र्वा | प | र्वा | व | ली | श | ब | ली | कृ | तैः |
| अ | थ | र | वि | रु | चां | ग्रा | सा | ति | थ्यं | न | भः | स्व | वि | हा | रि | भिः |
| सृ | ज | ति | शि | शि | र | क्षो | द | श्रे | णी | म | यै | रु | द | स | क्तु | भिः |
| न | स | म | र | स | ल | ग | ||||||||||
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